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Category: दुनिया

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रूस ने ड्रोनों को सुरक्षा कारण बताकर मस्को में मोबाइल इंटरनेट बंद किया

मॉस्को में आज सुबह अचानक घटी मोबाइल इंटरनेट की व्यापक कटौती, आधिकारिक तौर पर "ड्रोन सुरक्षा" को उचित ठहराते हुए, रूस की सुरक्षा एजेंसियों ने कहा कि यह कदम संभावित हवाई हमलों की रोकथाम के लिये अनिवार्य है। इस घोषणा के साथ ही कई प्रमुख शहरों में भी समान प्रतिबंध लागु हो रहे हैं, जिससे नागरिकों को संचार में बाधा और व्यवसायिक संचालन में खलल का सामना करना पड़ रहा है।

ड्रोन को लेकर रूसी अधिकारियों की चेतावनी कई महीने पहले ही शुरू हो चुकी थी, जब यूक्रेन-रूस संघर्ष के दौरान हवाई निगरानी एवं लघु‑विज़न अपलोड्स का बढ़ता प्रयोग देखा गया था। तथापि, वास्तविक सुरक्षा लाभ के बजाय इंट्रानेट की निरंतर कटौती, सूचना नियंत्रण के पुराने रूसी मॉडल की नई रूपांतरण के रूप में देखी जा रही है—जिसमें "सुरक्षा" शब्द को अक्सर बहाने के तौर पर प्रयोग किया जाता है।

भौगोलिक रूप से भारत के साथ रूस का पारस्परिक हित कई क्षेत्रों में जुड़ा है, विशेषकर एरोस्पेस, हथियार एवं ऊर्जा सहयोग में। इस इंटरनेट शट‑डाउन के प्रभाव से भारत की कंपनियों के कर्मचारियों, विशेषकर आईटी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में कार्यरत भारतीयों को तेज़ी से कार्यस्थल से हटना पड़ेगा। विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और आवश्यक संचार ऐप्स को पूर्व‑लोडेड रखने की सलाह जारी की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रोमांचक "ड्रोन खतरे" की तुलना में कूटनीतिक जाँच‑पड़ताल अधिक वास्तविक जोखिम बनकर उभरी है।

अधिकतर विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की संचार प्रतिबंध, जो आधिकारिक रूप से नागरिक जीवन की रक्षा के लिये वैध दिखते हैं, वास्तव में सार्वजनिक विचारधारा को नियंत्रित करने, असंतोष को छिपाने और विदेशी निगरानी को सीमित करने के लिये रणनीतिक साधन हैं। यह विरोधाभास—सुरक्षा घोषणा और वास्तविक परिणाम में असंगति—रूसी डिजिटल नीति में एक क्लासिक व्यावहारिक त्रुटि को उजागर करता है, जहाँ "जागरूकता" का शब्द अक्सर "जागरूकता" के बजाय "जागरूकता" की फर्जी परिभाषा बन जाता है।

जैसे ही इस कदम की तीखे प्रतिउत्तर कई नागरिक अधिकार समूहों से मिलने की उम्मीद है, अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रश्न उठ रहा है कि कौन‑सी शक्ति संरचना इस तरह के आकस्मिक प्रतिबंधों को वैधता देती है। यदि रूसी सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन के लिये हवाई क्षेत्र को नियंत्रीत करने की जरूरत है, तो सिविल इंटरनेट को समग्र बंद करने की आवश्यकता क्यों? इस नीति‑घोषणा और वास्तविक परिणाम के बीच का अंतर, एक बिन‑नीली जाँच‑पड़ताल की तरह, दर्शाता है कि सत्ता के हाथ में तकनीकी साधनों का दुरुपयोग कितना सहज है।

Published: May 7, 2026