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Category: दुनिया

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पेरिस में यूईएफए चैंपियंस लीग क्वालिफिकेशन के बाद हलचल: 127 जमानों के साथ जश्न अधूरा

7 मई, 2026 को पेरिस के सड़कों पर उत्सव का नाच शुरू हुआ, जब पेरिस सैंट जर्मेन (PSG) ने यूईएफए चैंपियंस लीग में फाइनल के लिये क्वालीफ़िकेशन हासिल किया। लेकिन उत्सव जल्द ही बिगड़ गया; अल्पावधि में ही 127 लोग गिरफ्तार हुए और कई क्षेत्रों में धूमधाम वाले प्रदर्शन को ‘विघटन’ की श्रेणी में गिना गया।

फ्रांस के आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि ठेलेदार शराब, अराजकता‑प्रेरित समूह और कुछ तृतीय‑पक्षीय विरोधी फुटबॉल संगठनों ने हिंसा को बढ़ावा दिया। पुलिस ने जलते हुए मलबे, धुएँ के ग्रेनेड और आवाज़ वाले गड़गड़ाहट का सामना करते हुए जलावन गैस तथा ध्वनि विस्थापन उपकरण निकाले। आधिकारिक आँकड़े के अनुसार, 42 लोग गंभीर चोटिल हुए, जबकि शेष अधिकांश असहज अवस्था में ही गिरफ़्तार हुए।

विरोधी दलीलों में यह भी कहा गया है कि फ्रांसीसी सुरक्षा नीतियों का आज़माइश‑परीक्षण करने वाले इस आयोजन में क़ानून व्यवस्था के लिए पर्याप्त तैयारियाँ नहीं थीं। यूरोपीय संघ द्वारा प्रस्तावित सार्वजनिक सभा पर नई ‘साइबर‑निगरानी’ और ‘भीड़‑नियंत्रण’ दिशानिर्देशों को इस तरह के बड़े‑स्तरीय खेल‑समारोह पर कैसे लागू किया जाए, इस पर सवाल उठाए जा रहे हैं। “परफ़ेक्ट पार्टी की योजना बनाकर भी प्रशासन को कँपकँपी हो गई”, एक अनाम सुरक्षा विशेषज्ञ ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की।

इसी बीच, भारत में भी PSG के प्रति रुचि में झटकेदार बढ़ोतरी देखी जा रही है। भारतीय मीडिया अक्सर क्लब के भारतीय खिलाड़ियों और विपणन साझेदारियों का जिक्र करता है, और कई भारतीय प्रवासी फ्रांस में इस जीत को बड़ी पार्टी के रूप में मनाते हैं। अब जब सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, तो न केवल फ्रेंच‑अमेरिकन फुटबॉल फैंडम का भरोसा कमज़ोर हो रहा है, बल्कि भारत‑फ्रांस द्विपक्षीय सांस्कृतिक अभिविन्यास पर भी धुंधल्की छाया पड़ रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने “स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी” को सुदृढ़ करने के लिए फ्रांस के साथ संवाद जारी रखने की घोषणा की, पर वास्तव में यह मामूली परंतु बुनियादी मुद्दा बना हुआ है।

सारांश में, PSG की जीत ने फ्रांस के फुटबॉल सॉफ्ट‑पावर को बढ़ावा दिया, पर अनियंत्रित भीड़‑प्रदर्शन ने इस उपलब्धि को धुंधला कर दिया। अगर यूरोपीय फुटबॉल संघ (UEFA) और फ्रांसीसी सरकार ‘भरोसे के सर्किट’ को पुनः स्थापित नहीं कर पाए, तो भविष्य में इसी तरह की एथलेटिक महोत्सवों में निरंतर ‘जश्न‑भंग’ की आशंका बनी रहेगी।

Published: May 8, 2026