जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: दुनिया

अमेरिका ने जर्मनी से 5,000 सैनिकों की वापसी की घोषणा, यूरोप को सुरक्षा में अधिक योगदान की आवश्यकता

संयुक्त राज्य ने आधिकारिक रूप से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को जर्मनी से हटाने का आदेश दिया है। यह कदम पिछले कुछ महीनों में अमेरिकी विदेश नीति में देखे जा रहे व्यापक बदलाव का हिस्सा है, जिसमें एशिया‑प्रशांत में महत्त्व बढ़ाने और यूरोपीय गठबंधन पर भार घटाने की प्रवृत्ति स्पष्ट हो रही है।

जर्मनी के रक्षा मंत्री ने इसे "पहले से ही अपेक्षित" कहा, साथ ही यूरोपीय देशों को अपने सुरक्षा खर्च में "और अधिक योगदान" देने की अपील की। उन्होंने दो गुना बात की: एक तो यह कि यूरोपीय रक्षा बजट का 2% लक्ष्य अभी भी कई देशों के लिए मात्र कागज़ी आँकड़ा है, और दूसरा यह कि NATO का बक्सा अब अमेरिका के हाथ में नहीं रहना चाहिए।

अमेरिका को यह कदम अपनाने के पीछे दो प्रमुख कारण दिखे हैं। प्रथम, बजट की कसौटी पर फ्रॉस्टेड वॉरफेयर और तकनीकी नवाचारों के साथ सेना को छोटा, तेज़ और अधिक स्वायत्त बनाना। द्वितीय, रूसी-चीनी सामरिक समीपता को देखते हुए अंतरिक्ष, साइबर और लघु-स्तरीय फौजियों पर निवेश को प्राथमिकता देना। यह परिवर्तन यूरोपीय सुरक्षा के लिए केवल एक चेतावनी नहीं, बल्कि एक समयसारणी भी है—जैसे ही अमेरिकी बलों का घटाव होगा, यूरोपीय सेना को अपने बटुए खोल कर ऑपरेशन को जारी रखना पड़ेगा।

इस परिप्रेक्ष्य में भारत की रुचि स्पष्ट है। यूरोप के सुरक्षा पुनर्गठन का प्रभाव सीधे भारतीय रणनीति को छूता है, क्योंकि नई अमेरिकी बहु-क्षेत्रीय फोकस भारत के इंडो‑पैसिफिक प्रमुखता को सुदृढ़ करने की दिशा में सहयोग का अवसर प्रदान करता है। साथ ही, यूरोपीय देशों की रक्षा‑बिलियन में गिरावट उनके साथ मिलकर बनने वाली भारत‑EU मिलिटरी‑टेक्नोलॉजी साझेदारियों को पुनः मूल्यांकन करने की आवश्यकता पैदा कर सकती है।

परिणामस्वरूप, यूरोप को अब "अमेरिकी भरोसे की बैकअप पावर" नहीं, बल्कि "अपने स्वयं के तंत्र के जामुन" बनाने की सच्ची परीक्षा का सामना करना पड़ेगा। यदि कोई भी प्रमुख यूरोपीय सरकार इस बात को स्वीकृत न करे कि 2% का लक्ष्य सिर्फ एक राजनयिक पर्ची नहीं, बल्कि वास्तविक सुरक्षा आधार है, तो अमेरिकी सैनिकों की वापसी का असर केवल बुनियादी ढाँचे में नहीं, बल्कि मौलिक विश्वसुरक्षा संरचना में गहरा हो सकता है।

Published: May 4, 2026