विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?
आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें।
सहायता में कट, सूखा और संघर्ष ने सोमालिया में कुपोषण को बढ़ाया
किस्मायो के शरणार्थी शिविरों में जलवायु‑असमानता, आंतरिक हिंसा और अंतरराष्ट्रीय सहायता में अचानक कटौती ने मानवीय संकट को अनुमानित स्तर से आगे बढ़ा दिया है। इन्होंने हटे‑हटे पानी और भोजन के स्रोतों को समाप्त कर दिया, जिससे लाखों निर्वासित अब ‘भूख’ शब्द को रोज़मर्रा की वास्तविकता बना चुके हैं।
पर्याप्त बारिश की कमी के कारण कृषि‑उत्पादन में गिरावट आई, जबकि तेज़ी से बढ़ते दहशत के माहौल ने लोगों को सुरक्षित खेतों से दूर कर दिया। परिणामस्वरूप, भोजन सहायता पर निर्भर समुदायों के पास अब दो‑तीन किलो की रोटी भी नहीं बची।
सुनिश्चित करने वाली एजेंसियों ने कहा कि पिछले दो वर्षों में दिया गया समग्र एआईडी बजट 30 % घटा दिया गया है। यह कटौती न केवल भौतिक सहायता को सीमित करती है, बल्कि मध्यस्थ संगठनों की संचालन क्षमता को भी बाधित करती है। बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण कुपोषण के साथ-साथ रोगों का प्रसार भी तेज़ी से बढ़ रहा है।
वहीं, स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया निपुणता से कम रही। एकीकृत राहत योजना की कमी, वितरण के लिये स्पष्ट मानदंडों का अभाव, तथा कोऑर्डिनेशन में व्यवधान ने स्थिति को और बिगाड़ा है। शिकायत के बाद भी कई शरणार्थी कैंपों में भोजन वितरण के लिए लंबी कतारें और अनिश्चितता बनी हुई है—जैसे कि व्यवस्था का अभिप्राय ‘अधिक इंतजार, कम मदद’ ही है।
समाज के विभिन्न वर्ग, विशेषकर महिलाओं और बच्चों पर इस नाजुक संतुलन का बोझ सबसे अधिक है। पोषण आश्रित गर्भवती महिलाओं की संख्या में उछाल देखा जा रहा है, जबकि स्कूल-उम्र के बच्चों में वजन‑ऊँचाई अनुपात घट रहा है—जो भविष्य की शैक्षिक और आर्थिक संभावनाओं पर दीर्घकालिक असर डाल सकता है।
यहाँ तक कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी प्रशासनिक असफलताओं की ओर इशारा किया है, जहाँ बजट कटौती के बाद भी राहत कार्यों की निगरानी के लिए पर्याप्त तंत्र नहीं बनाया गया। अंतिम रूप से, यह संकट न केवल मानवीय मदद की न्यूनता को उजागर करता है, बल्कि नीति‑निष्पादन में ‘कागज़ी प्रतिबद्धताएँ’ और ‘साक्षी‑व्यवहार’ के बीच खाई को भी स्पष्ट करता है।
Published: May 7, 2026