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Category: समाज

शिशु नींद पर अनधिकृत विशेषज्ञ की खतरनाक सलाह पर सरकारी जांच शुरू

अभी हाल ही में टेलीविज़न पर एक स्वयं‑घोषित ‘मैजिक स्लीप फेयर’ ने शिशुओं की नींद सुधारने के लिए ऐसे उपाय बताए जो रोग‑निवारक विशेषज्ञों के मानक से बिल्कुल भी मेल नहीं खाते। इस पर कई अभिभावकों ने अपने छोटे‑बच्चों की नींद रूटीन में गंभीर असामान्यताएँ देखी और शिकायत दर्ज कराई।

शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में शिक्षा और परामर्श का अभाव, विशेषकर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में, इस प्रकार के अनियंत्रित मंचों को आकर्षक बनाता है। कई अभिभावक, जो योग्य बाल रोग विशेषज्ञ तक पहुँचने के साधनों से वंचित हैं, ऐसी टीवी हस्तियों की अनौपचारिक सलाह को भरोसेमंद मान लेते हैं, भले ही यह सलाह वैज्ञानिक साक्ष्य पर आधारित न हो।

इस संदर्भ में भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने तुरंत एक व्यवस्थानिक प्रतिक्रिया जारी की। मंत्रालय ने कहा कि सार्वजनिक प्रसारण माध्यमों पर स्वास्थ्य‑संबंधी जानकारी प्रदान करने वाले सभी व्यक्तियों को न्यूनतम शैक्षिक योग्यता और मान्यतानुसार प्रमाणपत्र अनिवार्य किया जाएगा। साथ ही, ऐसी सलाह पर आधारित कोई भी चिकित्सा दावों के लिए क़ानूनी जाँच की प्रक्रिया तेज़ की जाएगी।

वर्तमान में स्वास्थ्य नीति के कार्यान्वयन में कई खामियां उजागर हो रही हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2025 में सामाजिक असमानताओं को कम करने के उपायों का उल्लेख है, परन्तु ग्राउंड लेवल पर अनैतिक सलाहकारों को रोकने के लिए स्पष्ट नियामक ढांचा अभी तक तैयार नहीं हुआ। असली चुनौती यह है कि विविध भाषाई, सांस्कृतिक और आर्थिक पृष्ठभूमियों वाले अभिभावकों को सही, साक्ष्य‑आधारित जानकारी तक पहुँचाना, न कि आकर्षक लेकिन भ्रामक टैग‑लाइन।

साक्ष्य‑आधारित पेडियाट्रिक परामर्श की उपलब्धता को बढ़ाने के लिये, राज्य स्वास्थ्य संस्थानों को टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार करना आवश्यक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह न केवल गलत सूचना के प्रसार को रोकता है, बल्कि शिशु स्वास्थ्य में असमानताओं को भी घटाता है।

जबकि अभी तक इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं हुई है, कई नागरिक समाज संगठनों ने मीडिया नियामकों से आग्रह किया है कि वे ‘स्वास्थ्य‑सलाह’ को शॉर्टी‑टर्म एंटरटेनमेंट से अलग कर स्पष्ट लेबलिंग लागू करें। इस बीच, अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनिश्चित सलाह को अपनाने से पहले प्रमाणित बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें, चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफ़लाइन।

Published: May 5, 2026