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Category: समाज

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राजस्थान स्टाफ चयन बोर्ड ने प्रयोगशाला सहायक परीक्षा के केंद्र बदले, उम्मीदवारों को नए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने का निर्देश

राजस्थान स्टाफ चयन बोर्ड (RSSB) ने 9 मई, 2026 को निर्धारित लैबोरेटरी असिस्टेंट (भूगोल) प्रत्यक्ष भर्ती परीक्षा के परीक्षा केंद्रों में अचानक बदलाव कर दिया। बीहाव में एक और भीलवाड़ा में तीन केंद्रों को नए स्थानों पर स्थानांतरित किया गया, जिससे सभी अभ्यर्थियों को अपने आधिकारिक प्रवेश कार्ड को पुनः डाउनलोड करके अद्यतन केंद्र को सत्यापित करना अनिवार्य हो गया।

परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है, पर अब उम्मीदवारों को नई जानकारी के साथ ठीक समय पर उपस्थित होना ही नहीं, बल्कि इधर‑उधर के यात्रा खर्च, संभावित टिकट बुकिंग की पुनः व्यवस्था और स्थानीय परिवहन की उपलब्धता को भी पुनर्विचार करना पड़ेगा। डिजिटल साक्षरता या इंटरनेट कनेक्टिविटी में असमानता वाले ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए यह अतिरिक्त बोझ विशेष रूप से बाधाजनक साबित हो सकता है।

RSSB ने अपना आधिकारिक आदेश वेबसाइट व प्रमुख समाचारपत्रों में प्रकाशित करके इस बदलाव के बारे में सूचित किया, पर यह सवाल हल्का नहीं कि ऐसी जानकारी देर से क्यों मिली। जब उम्मीदवार पहले से ही अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण चरण में ट्रैनिंग, आवास और भोजन की व्यवस्था कर चुके होते हैं, तो असंगत सूचना तालमेल के कारण उत्पन्न होने वाली अनिश्चितता प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट संकेत देती है। कहेंगे तो, “ऑफिस की फाइलों में बदलाव का अंटेना इस क़ाबिल है कि उम्मीदवार ट्रेन के टिकट और कॉलेज की फीस दोनों दोबारा गिनें।”

सामाजिक दृष्टिकोण से देखें तो यह परिवर्तन शैक्षणिक अवसरों की समान पहुँच पर सवाल उठाता है। राजस्थान के कई वंचित वर्ग के युवा सरकारी नौकरियों को स्थिर आय और सामाजिक प्रतिष्ठा का साधन मानते हैं; परीक्षा केंद्र में अनपेक्षित बदलाव उनके लिये प्रायोगिक बाधाएँ बन जाता है, जो अक्सर आर्थिक असमर्थता को और गहरा करता है।

प्रशासनिक पक्ष से कहा जाए तो यह एक बार फिर राज्य द्वारा बड़े पैमाने पर नियोजित भर्ती प्रक्रियाओं में पर्याप्त योजना एवं जोखिम प्रबंधन की कमी को उजागर करता है। परीक्षा केंद्रों का चयन, उम्मीदवारों की प्रवास बाधाओं की पूर्व जांच, तथा समय पर डिजिटल अपडेट जारी करने जैसे बुनियादी कदमों की उपेक्षा न केवल भरोसे को क्षति पहुँचाती है, बल्कि राज्य के मानव संसाधन विकास के दायरे को भी गिराती है।

उम्मीदवारों को अब तुरंत अपने पुराने एडमिट कार्ड को हटाकर नवीनतम संस्करण डाउनलोड करना होगा, और निर्धारित नए केंद्र पर समय पर पहुंचने के लिए सभी तत्परता दिखानी होगी। इस स्थिति में सार्वजनिक जवाबदेही का सवाल उठता है: क्या भविष्य में ऐसी अनावश्यक बदलावों को कम करने के लिये एक स्पष्ट समय‑सीमा, सूचना‑प्रसारण की प्रक्रिया और बाधित उम्मीदवारों के लिये आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाएगी?

जैसे ही परीक्षा का दिन नजदीक आता है, उम्मीद है कि RSSB इस परिवर्तन के दुष्प्रभावों को न्यूनतम करने हेतु अतिरिक्त मार्गदर्शन प्रदान करेगा, और प्रशासनिक लापरवाही के पुनरावृत्ति को रोकने के लिये ठोस सुधार कदम उठाएगा।

Published: May 7, 2026