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Category: समाज

बेंगलुरु में तेज़ी से चमकते क्रिकेटर की आलीशान घर: नागरिक‑आवास असमानता पर सवाल

भारतीय तेज़ गेंदबाज प्रसिध कृष्ण, जिन्होंने राष्ट्रीय टीम और आईपीएल में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, बेंगलुरु में अपने निजी आवास को एक ‘स्टाइलिश रिट्रीट’ के रूप में उजागर कर रहे हैं। आधुनिक डिज़ाइन, विशाल लिविंग एरिया, घर के भीतर निजी जिम एवं स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएँ इस घर को शहरी अभिजात्य के सपने जैसा बना देती हैं।

जबकि एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अभिजात्य जीवनशैली का आनंद ले रहा है, बेंगलुरु के कई मध्यम वर्गीय परिवार किफ़ायती आवास की तलाश में अदृश्य बाधाओं से जूझ रहे हैं। पुनरावृत्तियों में, शहर में किराए की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और सरकारी आवास योजनाओं की देरी या अधूरी कार्यवाही ने लाखों नागरिकों को अस्थायी शेल्टर में रहने के लिए मजबूर किया है। यह दोहरे मानदंड को उजागर करता है कि निजी सफलताओं के पीछे सार्वजनिक संसाधनों का वितरण कितना असमान है।

शहरी आवास नीतियों की विफलता को केवल बाजार के प्रवाह के कारण नहीं कहा जा सकता; प्रशासनिक अकार्यक्षमता और नीति‑कार्यान्वयन में चूक प्रमुख कारण बनते दिखते हैं। कई बार, “किफायती आवास योजना” के तहत आवंटित फ्लैटों की संख्या कर्‍स‑कंट्रोल के साथ नहीं बढ़ती, और अभावग्रस्त स्तर पर त्वरित निपटारा नहीं किया जाता। परिणामस्वरूप, सार्वजनिक संस्थाओं की जवाबदेही पर सवाल उठते हैं, जबकि निजी क्षेत्र के अभिजात्य को अपने सपनों का महल बनाने में कोई बाधा नहीं आती।

इस सामाजिक असंतुलन को देखते हुए, नागरिक समाज ने कई बार प्रशासन को “आवास न्याय” के सिद्धांत पर पुनर्विचार करने का आव्हान दिया है। लेकिन अभी तक ऐसी मांगों पर ठोस नीतिगत सुधार नहीं आया। जबकि प्रसिध कृष्ण का घर सोशल मीडिया पर चमकता रहता है, बेंगलुरु के निचले वर्ग के लोग मूलभूत पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से जूझते रहते हैं। इस अंतर को कम करने हेतु केवल “भविष्य के प्रोजेक्ट” नहीं, बल्कि “वर्तमान में लागू” रणनीतियों की आवश्यकता है।

आलेख का उद्देश्य इस बात को रेखांकित करना है कि भारत की तेज़ी से उभरती खेल प्रतिभाएँ और उनकी निजी सफलता को राष्ट्र के सामाजिक विकास के स्तर से पृथक नहीं किया जा सकता। जब एक खिलाड़ी की सुंदर घर की प्रशंसा की जा रही हो, तो यह सोचने लायक है कि क्या बेंगलुरु में सभी नागरिकों को रहने के योग्य घर मिलने की संभावना भी उसी तेज़ी से बढ़ेगी।

Published: May 5, 2026