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Category: समाज

पुरानी जेल दीवारों की गिरावट ने ड्रोन द्वारा नशीली दवा सप्लाई को नहीं रोका

विक्टोरिया के कई सदी‑प्राचीन जेलों में दीवारों का क्षय आज तक का सबसे बड़ा सुरक्षा जोखिम बन चुका है। जेल गवर्नरों के अनुसार, रहवासी ड्रोन को रोकने के लिये भारी जाल और खिड़की ग्रिल स्थापित करने की योजना बनाई गई थी, परन्तु दीवारों की पतली हड्डी उन अतिरिक्त भारों को सहन नहीं कर पाती। इस कारण नई सुरक्षा उपायों को स्थगित कर दिया गया है।

ड्रोन द्वारा नशीली दवाओं और हथियारों के पहुंचने से बंदियों की स्वास्थ्य‑सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है। दवा की लत से विविध रोगों का जोखिम बढ़ता है, जबकि अवैध हथियार मिलकर जेल में हिंसा के प्रकोप को तेज़ कर सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में जेल के भीतर सामाजिक असमानता और अव्यवस्था और गहरी होती है, क्योंकि कमजोर वर्ग के कैदी अक्सर इन वस्तुओं पर ही निर्भर रहते हैं।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया भी उतनी ही टक्करों भरी रही। जेल अधिकारियों ने बजट की कमी तथा पुरानी संरचनाओं के पुनरुजीवन की लागत को लेकर सुधारों को लंबित रखा। कहा जाता है कि मौजूदा योजना में जाल और ग्रिल का वजन लगभग दो दशकों पुराने ईंट‑पत्थर की दीवारों की धारण शक्ति से अधिक है, इसलिए निर्माण मंत्रालय ने “संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण” को प्राथमिकता दी, पर वह भी धीरज से आगे नहीं बढ़ पाई।

नीति‑कार्यान्वयन की इस असफलता पर सवाल उठाते हुए विशेषज्ञों ने कहा, “ड्रोन का उपयोग तो आधुनिक तकनीक है, पर इसे रोकने के लिये हमें आधुनिकीकरण के साथ ही बुनियादी ढाँचे की रखरखाव को भी ताजगी से नहीं तोड़नी चाहिए।” यह टिप्पणी सामाजिक बाधाओं के बीच प्रशासनिक अडिगता की मार्मिक समीक्षादायक व्यंग्य के रूप में उभरती है।

सार्वजनिक जवाबदेही के दायरे में यह मामला भी खड़ा है। जेलों के भीतर रहने वाले लोगों की सुरक्षा राज्य की बुनियादी जिम्मेदारी है, फिर भी पुराने अंग्रेज़ी‑कालीन इमारतों को आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ एकीकृत करने में विफलता से जनता की निराशा बढ़ी है। अभिलेखीय दस्तावेज़ दर्शाते हैं कि पिछले पाँच वर्षों में इस प्रकार की संरचनात्मक मजबूती के लिये केवल 2% ही बजट आवंटित हुआ, जबकि ड्रोन के उपयोग में वृद्धि के आंकड़े 30% से अधिक दर से बढ़ रहे हैं।

इस स्थिति का व्यापक प्रभाव तभी समझा जा सकता है जब हम इस बात को देखें कि जेल से बाहर के नागरिक भी इस अव्यवस्था के कारण असुरक्षित महसूस करते हैं। नशीली दवाओं की तस्करी के चक्र में शामिल होने वाले अपराधियों का पुनर्वास परिलक्षित नहीं होता, जिससे सामाजिक असमानता और अपराध‑हिंसा में वृधि होती है।

समाप्ति में यह स्पष्ट हो जाता है कि कंक्रीट‑जड़ित दीवारें चाहे कितनी भी पुरानी हों, उन्हें अद्यतन सुरक्षा तकनीक के साथ तालमेल बिठाने में असफलता का अर्थ है कि नीति‑निर्माता और प्रशासनिक प्रबंधक दोनों ही पुरानी ढाँचागत सोच से भाग नहीं पा रहे हैं। जब तक संरचनात्मक पुनर्निर्माण नहीं होगा, ड्रोन‑आधारित वस्तु सुविधाएँ बंदियों के हाथों में ही बनी रहेंगी, और सार्वजनिक सुरक्षा का भरोसा केवल शब्दों के ढर्रे पर टिका रहेगा।

Published: May 6, 2026