पुणे में कोरिया 2026 क्विज़ का प्रारम्भिक राउंड, शिक्षा‑संधान में नीति‑कार्यान्वयन पर सवाल
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय और सार्वजनिक प्रसारण निगम (केबीएस) द्वारा चलाए जा रहे ‘कोरिया 2026 पर क्विज़’ का भारतीय प्रारम्भिक चरण 28 जून को पुणे में किंग सेजोंग संस्थान में आयोजित होगा। यह प्रतियोगिता कोरियन भाषा, सांस्कृतिक विरासत, इतिहास और सामाजिक संरचना पर आधारित है, और विजेता भारत की ओर से कोरिया के फाइनल में भाग लेगा।
सांस्कृतिक कूटनीति के रूप में इस पहल को सराहते हुए, कई शैक्षणिक संस्थान और स्थानीय प्रशासन ने अपना सहयोग दिया है। परन्तु इस कार्यक्रम के संचालन में उपयोग किए जाने वाले संसाधनों का वितरण स्थानीय जरूरतों से तालमेल नहीं रखता जैसा कि सार्वजनिक स्वास्थ्य, मूलभूत शिक्षण सुविधाओं और जल‑संकट से जूझ रहे कई वार्ड के नागरिकों के लिए स्पष्ट है। जबतम शहर में नल‑पानी की कटौती और स्कूलों में बेसिक लैब उपकरणों की कमी बनी हुई है, तब विदेशी भाषा‑क्विज़ पर बड़ा बजट आवंटित किया जा रहा है, यह एक असंतुलित प्राथमिकता को दर्शाता है।
किंग सेजोंग संस्थान, जिसका उद्देश्य कोरियन भाषा का प्रसार है, को पुणे के बाहरी मार्जिन पर स्थित किया गया है, जिससे सामाजिक‑आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए पहुँच सीमित रहेगी। अधिकांश प्रतियोगी निजी कोचिंग संस्थानों या आर्थिक महत्ता वाले स्कूलों से आते हैं, जबकि सार्वजनिक स्कूलों में कोरियन भाषा की कोई संरचना नहीं है। इस अंतर को पाटने के लिये सरकार ने कोई स्पष्ट योजना नहीं प्रस्तुत की, जिससे सतही सांस्कृतिक आदान‑प्रदान की छवि के पीछे वास्तविक सामाजिक समानता का प्रश्न उठता है।
मुंबई जनरल कांसुलेट और पुणे नगर निगम ने इस कार्यक्रम को उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया, परन्तु प्रशासनिक प्रतिक्रिया में एक ही बात दोहराई गई – ‘अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व’। जल‑संकट, शैक्षिक असमानता और स्वास्थ्य सेवा में खामियों को हल करने हेतु कार्रवाई के ठोस उपाय न दिए जा पाने से यह स्पष्ट होता है कि नीति‑कार्यान्वयन में समग्र दृष्टिकोण की कमी है।
यदि इस क्विज़ से विजेताओं को कोरिया के सांस्कृतिक धरोहर स्थल देखने का अवसर मिलेगा, तो सवाल यही रहता है कि समान अवसर भारत के हर कोने में क्यों नहीं मिल पाते। इस प्रकार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना के साथ-साथ यह देखना आवश्यक है कि सार्वजनिक संसाधनों का वितरण किस तरह से सामाजिक न्याय के सिद्धांत के अनुरूप हो।
Published: May 4, 2026