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Category: समाज

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झारखंड में शांति प्रस्ताव की पुनरावलोकन, विदेश मंत्री के पोप से मुलाकात पर प्रधानमंत्री की तीखी आलोचना

झारखंड सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत नवीनतम शांति प्रस्ताव का विस्तृत अध्ययन शुरू कर दिया है। यह प्रस्ताव, जो नक्सल‑प्रभावित जिलों में हिंसा‑समाप्ति के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी नागरिक सुविधाओं को सुधारने का वादा करता है, अब राज्य‑स्तर पर ‘वैधता‑जाँच’ के चरण में है।

प्रस्ताव में स्थानीय समुदाय को रोजगार‑आधारित कौशल‑प्रशिक्षण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की तेज़ी से पुनर्स्थापना और स्कूलों में नई बुनियादी ढाँचा बनाने की धारा है। हालांकि, कई सामाजिक संगठनों ने कहा है कि इन आशाओं को ‘कागज की हवा’ बना कर पेश किया गया है, क्योंकि पिछले पाँच वर्षों में झारखंड में शहरी‑ग्रामीण अंतरामें कोई ठोस बदलाव नहीं आया।

इसी बीच, विदेश मामलों के मंत्री ने रोम में पापा लियो XIV से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने भारत‑वस्त्र-धर्मीय संवाद को सुदृढ़ करने की बात कही। यह मुलाकात, जो विदेश नीति के समीक्षकों के बीच ‘सिंहासन‑कमरे से बाहर की अड़चन’ के रूप में देखी जा रही है, पर प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक मंच पर तीखी आलोचना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेश मंत्री का इस तरह का ‘धार्मिक दूताव्य’ पर समय बँटाना, देश के भीतर स्वास्थ्य‑शिक्षा‑सेवा सुधार जैसे तत्काल समस्याओं से ध्यान भटकाता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार की दोहरी राजनीति, जहाँ एक ओर शांति‑प्रस्ताव की बारीकी से समीक्षा चल रही है, तो दूसरी ओर एक विदेशी आध्यात्मिक नेता के साथ मिलन‑समारोह की योजना बनायी जा रही है, प्रशासनिक प्राथमिकताओं में ‘उच्च‑नीतियों की धुंध’ को स्पष्ट रूप से उजागर करती है। नागरिक अधिकार समूहों ने कहा कि यदि शांति योजना के तहत वादा किए गए स्वास्थ्य कैंप, स्कूल निर्माण और जल‑सुविधा परियोजनाओं को वास्तविकता में बदलना है तो सरकार को ‘साफ‑सुथरी’ नीति‑बनावट और जमीन‑पर कार्यान्वयन पर ध्यान देना होगा, न कि विदेश मंत्रियों की गुप्त बैठक‑नोट्स पर।

आगे की दिशा के रूप में कई विपक्षी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रस्ताव की सार्वजनिक सुनवाई, स्वतंत्र निरीक्षण समिति की स्थापना और प्रस्तावित निधियों के पारदर्शी वितरण की माँग कर रहे हैं। ऐसा केवल तभी संभव है, जब प्रशासनिक उदासीनता को ‘सुनहरे शब्दों की परतों’ से हटाकर वास्तविक कार्य‑क्षमता में बदला जाए।

Published: May 7, 2026