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एसईसीआर का 2026 एप्लाइंटशिप अभियान: 1,644 पद, मेरिट‑आधारित चयन, सामाजिक प्रभाव पर सवाल
साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे (SECR) ने अपने राइपुर इकाइयों में 2026 की अपर्चनरशिप भर्ती शुरू कर दी है। कुल 1,644 पदों के लिए आवेदन 4 जून तक अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल पर स्वीकार किए जा रहे हैं। पात्रता के निकष में कक्षा 10 पास या आईटीआई के पास उम्मीदवार शामिल हैं, और चयन पूरी तरह से शैक्षणिक अंक‑आधारित मेरिट पर होगा—कोई लिखित परीक्षा नहीं होगी।
यह पहल युवा वर्ग, विशेषकर ग्रामीण और मध्यम‑आय वाले परिवारों के युवाओं के लिये रोजगार‑सुरक्षा का एक संभावित स्रोत प्रस्तुत करती है। शैक्षणिक योग्यता को प्राथमिकता देना उन छात्रों के लिये लाभदायक हो सकता है, जिन्होंने स्कूल में अच्छा प्रदर्शन किया है परंतु अभी तक व्यावसायिक प्रशिक्षण का अवसर नहीं मिला। साथ ही, राइपुर जैसे रेलवे हब में कौशल‑आधारित नौकरियों की उपलब्धता स्थानीय रोजगार दर को उठाने की उम्मीद भी पैदा करती है।
हालाँकि, पूर्ण मेरिट‑आधारित शॉर्टलिस्टिंग के पीछे कुछ प्रश्न भी उठते हैं। सबसे पहले, केवल अंक‑आधारित चयन उन छात्रों को असमानता में फँसा सकता है, जो शैक्षणिक संसाधनों की कमी या ग्रामीण स्कूलों की अनुचित परिस्थितियों से ग्रसित हैं। दूसरी ओर, लिखित परीक्षा का अभाव व्यावहारिक ज्ञान या कार्य‑स्थल में आवश्यक व्यवहारिक कौशल को मापने में असमर्थता को दर्शाता है। इस प्रकार का चयन प्रणाली, जहाँ “अंक” ही अंतिम मानक बन जाता है, नीति‑निर्माताओं की उस ओर संकेत करता है कि वे कौशल‑प्रशिक्षण के बजाय शैक्षणिक स्नातक को प्राथमिकता दे रहे हैं।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से, SECR ने समयबद्ध ऑनलाइन पंजीकरण और स्पष्ट पात्रता मानदंड प्रदान कर प्रक्रिया को सुगम बनाने की कोशिश की है। फिर भी, ऐसे बड़े पैमाने के भर्ती अभियान में पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के लिए एक स्वतंत्र तृतीय‑पक्ष निरीक्षण या अभ्यर्थी‑से‑अभ्यर्थी संवाद मंच की कमी महसूस होती है। इस कमी से चयन में संभावित पक्षपात या डेटा‑हस्तक्षेप के जोखिम को कम नहीं किया जा सकता।
समाज के विभिन्न वर्गों से इस कदम को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखी जा रही है। कई युवा अभ्यर्थी इसे “सरकारी नौकरी का द्वार” मान रहे हैं, जबकि रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने और कौशल‑आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता को लेकर विशेषज्ञों ने इस पहल की सीमाओं को उजागर किया है। नीति‑निर्माताओं से आशा की जा रही है कि भविष्य में केवल शैक्षणिक प्रदर्शन के अतिरिक्त, व्यावहारिक परीक्षण, इंटर्नशिप अवलोकन या व्यक्तिगत साक्षात्कार को भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि चयन में न्याय और दक्षता दोनों सुनिश्चित हो सके।
अंततः, SECR का यह एप्रेंटिसशिप अभियान युवा वर्ग को रोजगार‑केन्द्रित अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। परंतु मौजूदा चयन ढांचा सामाजिक समावेशिता और कौशल‑मूल्यांकन की पूरी कसौटी पर खरा नहीं उतरता। प्रशासन को यह समझना होगा कि केवल अंक‑आधारित मेरिट ही कई बार वास्तविक कार्य‑क्षमता को नहीं दर्शा पाता; इस अंतर को पाटने के लिये अधिक बहु‑आयामी मूल्यांकन पद्धति अपनाना अभिलषित होगा। तभी यह पहल न केवल नौकरी का वरदान होगी, बल्कि सच्ची कौशल‑सशक्तिकरण की साक्षी भी बनेगी।
Published: May 6, 2026