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Category: समाज

एमएचटी सीईटी 2026 पीसीएम सत्र‑2 में शहर सूचनापत्र जारी, छात्रों को यात्रा‑तैयारी में बढ़ा दोगुना दबाव

महाराष्ट्र उच्च तकनीकी शिक्षण परिषद (एमएचटी सीईटी) ने 5 मई को पीसीएम सत्र‑2 के शहर इंटीमेशन स्लिप सार्वजनिक कर दी हैं। छात्रों को अब cetcell.mahacet.org पर जाकर अपना परीक्षा स्थल देखना और यात्रा की व्यवस्था करना आवश्यक है।

स्लिप का जारी होना परीक्षीय प्रक्रिया में अंतिम चरण का संकेत देता है, परंतु इस चरण की समयसीमा बहुत तंग है। प्रवेश पत्र 8 मई को पहुंचाने की योजना है, जबकि परीक्षा 12‑16 मई के बीच निर्धारित है। इस संकीर्ण समयावधि में कई छात्रों के लिए उचित आवास, स्थानीय परिवहन और सुरक्षा प्रबंध करना लगभग असंभव हो गया है, विशेषकर उन ग्रामीण एवं सीमांतीय छात्रों के लिये जो दूरस्थ शहरों में परीक्षा दे रहे हैं।

डिजिटल पहुँच को भी एक प्रमुख मुद्दा माना गया है। आधिकारिक पोर्टल पर अत्यधिक ट्रैफ़िक, तकनीकी गड़बड़ी या नेटवर्क समस्याओं के कारण कई अभ्यर्थियों को अपना शहर पता नहीं मिल पाता, जिससे आगे की तैयारी में बाधा उत्पन्न होती है। इस पर सवाल उठता है कि क्या ऑनलाइन परीक्षा सूचना प्रणाली को इतने बड़े और विविध छात्र वर्ग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से इस गति को “सही समय पर सूचना देना” कहा जा सकता है, परंतु वास्तविकता में यह छात्रों को “बिल्ली‑चूहे” खेल में उलझा देता है—सूचना मिलते ही उन्हें तेज़ी से यात्रा बुकिंग, आवास बुकिंग, और स्थानीय परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती है, जबकि आर्थिक असमता का सामना करने वाले कई छात्रों के पास यह संसाधन नहीं होते। इस स्थिति में सार्वजनिक परिवहन की अधूरी कवरेज और महँगा निजी यात्रा विकल्प सामाजिक भेदभाव को और गहरा कर देते हैं।

परीक्षा का स्वरूप 180‑मिनट का कंप्यूटर‑आधारित टेस्ट (सीबीटी) है जिसमें भौतिकी, रसायन और गणित के प्रश्न शामिल हैं और नकारात्मक अंकन नहीं है। हालांकि नकारात्मक अंकन का अभाव छात्रों को जोखिम लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है, परंतु 3 घंटे की सीमित अवधि में सभी विषयों को कवर करने का दबाव एक नई प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति बनाता है, जो मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

इन चुनौतियों के मद्देनजर, विशेषज्ञों और शैक्षणिक संगठनों ने प्रशासन से तुरंत कुछ ठोस कदम माँगे हैं: सत्र‑2 के लिए अतिरिक्त वैकल्पिक केंद्रों की संभावना, दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों के लिए परिवहन सब्सिडी, तथा ऑनलाइन सूचना प्रणाली को सशक्त बनाकर नियत समय से पहले सभी अभ्यर्थियों को सूचित करना। वर्तमान में “सूचना जारी, समाधान विलंबित” की स्थिति न केवल छात्रों की पढ़ाई बल्कि उनके सामाजिक‑आर्थिक सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही है।

Published: May 5, 2026