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Category: समाज

उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव संस्थागत सेवा बोर्ड ने 2,085 पदों की भर्ती शुरू, आवेदन की अंतिम तिथि नज़दीक

उत्तर प्रदेश सरकार ने कोऑपरेटिव संस्थागत सेवा बोर्ड (UPCSIB) के तहत 2,085 प्रशासनिक और कार्यनिष्‍ठान पदों के लिये ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर दी है। यह कदम राज्य के बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरियों के प्रति आशा दिलाने के साथ साथ, कोऑपरेटिव बैंकिंग नेटवर्क के संचालन में मजबूती लाने का उद्देश्य रखता है।

आवेदन 21 से 40 वर्ष की आयु वर्ग के उम्मीदवारों के लिये खुले हैं और प्रत्येक वर्ग के लिये अलग-अलग आवेदन शुल्क वसूला जाएगा। ऑनलाइन परीक्षा के बाद, चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू या कौशल परीक्षा शामिल हो सकती है, जिससे एक बार फिर से सरकारी भर्ती में दोहराव‑आधारित चयन प्रणाली की छाप बनी रहती है।

राज्य में युवा बेरोजगारी का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है, और हर साल सरकारी नौकरी की चाह रखने वाले अभ्यर्थियों की भीड़ में वृद्धि का रुझान स्पष्ट है। इस भर्ती को अक्सर “सामाजिक सुरक्षा का आश्रय” कहा जाता है, परंतु अभ्यर्थियों का कहना है कि अनिश्चित परीक्षा तिथियों और शुल्क के उतार‑चढ़ाव ने प्रक्रिया को “डिजिटल जाल” बना दिया है।

प्रशासन ने इस भर्ती को ऑनलाइन लाने का औचित्य डिजिटल साक्षरता बढ़ाने और पारदर्शिता की दहलीज पर रखा है। फिर भी, कई उम्मीदवारों ने पहले की ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी गड़बड़ियों, सर्वर डाउन होने और इंटरनेट सापेक्षता की समस्याओं की शिकायत की है। यह संकेत देता है कि “डिजिटल पहल” के पीछे इंफ्रास्ट्रक्चर की वास्तविक शक्ति अभी भी एक खुली प्रश्न है।

आवेदन की अंतिम तिथि नज़दीक आने से अभ्यर्थियों के बीच “अंतिम क्षण की भीड़” की स्थिति बन रही है, जो अक्सर तकनीकी त्रुटियों को और बढ़ा देती है। यदि सिस्टम सुचारु रूप से काम नहीं किया तो कई योग्य उम्मीदवार भी पीछे रह सकते हैं, जिससे सामाजिक असमानता में नई दहलीज बन सकती है।

इस भर्ती की व्यापक सामाजिक महत्ता यह है कि यह न केवल कोऑपरेटिव बैंकों की कार्यकुशलता को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को भी प्रोत्साहित करेगी। फिर भी, वास्तविक प्रभाव तभी देखे जाएंगे जब चयन प्रक्रिया में समयबद्धता, पारदर्शिता और योग्यता‑आधारित मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए, न कि केवल संख्या‑गणना और शुल्क‑संग्रह।

व्यंग्य यह है कि हर साल सरकारी नौकरियों की “दौड़” में नई तालिका, नई फॉर्मेट और नई फीस जुड़ती रहती है—जैसे कोई उत्सव हो, जहाँ हर बार अधिक लोग आमंत्रित होते हैं पर पैकेज में हमेशा वही पुराना व्यंजक रहता है: “आवेदन जमा करो, फिर देखो क्या मिलता है।”

समय बंधन के भीतर आवेदन समाप्त करने के लिये इच्छुक अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर सभी विवरण देखना चाहिए और तकनीकी तैयारियों को पहले से सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि “डिजिटल भर्ती” का उद्देश्य केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक सच्चा सामाजिक परिवर्तन बन सके।

Published: May 4, 2026