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Category: समाज

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ECET 2026 में 91.72% पास दर, लॅटरल एंट्री के शताब्दी सपने और नीति‑क्षेत्र की चुनौतियां

आंध्र प्रदेश के शिक्षा परिषदे ने 23 अप्रैल को आयोजित एपी ECET 2026 के परिणाम सार्वजनिक किए। कुल 32,434 उम्‍मीदवारों में से 29,750 ने परीक्षा पास कर ली, जिससे पास दर 91.72% तक पहुँच गई। यह परीक्षा डिप्लोमा तथा बी.एससी (मैथेमॅटिक्स) धारी छात्रों को इंजीनियरिंग व फार्मेसी में लैटरल एंट्री का अवसर प्रदान करती है।

उच्च पास दर को देखते हुए दो प्रश्न आनुपातिक रूप से उभरते हैं: क्या परीक्षा की कठोरता पर्याप्त है, और इस सफलता के पीछे वास्तविक अवसरों की उपलब्धता कितनी है? राज्य में engineering‑pharmacy के लिये सीमित सीटें मौजूद हैं, जबकि इस परीक्षा के द्वारा लाखों छात्रों को “लैटरल एंट्री” का आश्वासन दिया गया है। परिणामों के साथ ही काउंसलिंग एवं सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया अभी भी अनिश्चित है, जिससे कई योग्य उम्मीदवार को अस्थायी रूप से अटकाव का सामना करना पड़ेगा।

प्रशासन ने परिणाम को cets.apsche..gov.in पर डिजिटल लिंक के माध्यम से उपलब्ध कराया, जिसका त्वरित प्रकाशन सराहनीय है। फिर भी, “डिजिटल लिंक पर परिणाम उपलब्ध” का नारा अब तक की सबसे बड़े प्रशासनिक उपलब्धियों में से एक बन गया है, जबकि वास्तविक चुनौती—सटीक, समयबद्ध और पारदर्शी काउंसलिंग—अभी भी बाकी है।

इस हाई‑पास आंकड़े को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, परन्तु सामाजिक असमानता का प्रश्न भी स्पष्ट होता है। ग्रामीण व उपेक्षित वर्ग के कई छात्र, जो वित्तीय बाधाओं के कारण केवल लैटरल एंट्री के माध्यम से engineering में प्रवेश कर सकते हैं, उन्हें अब भी उचित मार्गदर्शन, काउंसलिंग सामग्री और अनुभवी शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थितियों में “परीक्षा पास हो गई” का आंकड़ा केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि बन कर रह जाता है, न कि समावेशी शिक्षा नीति का प्रमाण।

नीति निर्माताओं को अब इस परिणाम को कदमों में बदलना होगा: पहले, परिणाम के बाद तेज़ और स्पष्ट काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर, प्रत्येक प्रवाह (engineering, pharmacy) के लिये सीटों की सटीक गिनती सार्वजनिक करनी होगी। दूसरा, उन छात्रों के लिये वित्तीय सहायता एवं छात्रवृत्ति योजनाएं सुदृढ़ करनी होंगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं परन्तु योग्य हैं। तीसरा, परीक्षा की प्रश्नविन्यास एवं मूल्यांकन मानकों की पुनः समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना होगा कि पास दर और वास्तविक तैयारी के बीच संतुलन बना रहे।

सारांशतः, एपी ECET 2026 का 91.72% पास प्रतिशत उत्सव का अवसर है, परन्तु यह केवल कागज़ पर लिखी सफलता है। जब तक प्रशासनिक उत्तरदायित्व—सटीक काउंसलिंग, समान अवसर और गुणवत्ता नियंत्रण—साकार नहीं होता, तब तक यह आंकड़ा एक सूखा व्यंग्य बन कर रह जायेगा, जो केवल नीति‑कार्यान्वयन में मौजूद लंबी खाई को उजागर कर रहा है।

Published: May 9, 2026