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Category: राजनीति

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सुनौलें चुनावी दौड़: राष्ट्रीय स्तर पर कल होने वाले चुनावों की अंतिम तेज़ी

राष्ट्रीय चुनावों का झड़प‑भरा दौर कल से जारी होने वाले मतदान पर केंद्रित हो गया है। सभी प्रमुख दल आज‑कल अपनी अंतिम अभियान‑झंकारों में लगे हुए हैं, जहाँ प्रत्येक उम्मीदवार अपने-अपने मतदाताओं को अंतिम अपील कर रहा है। प्रमुख राष्ट्रीय पार्टियों—भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आर.पी.) और कई क्षेत्रीय गठबंधन—ने पिछले दो हफ्तों में कई शहरी केंद्रों तथा ग्रामीण पिंडों में बड़े पैमाने पर रैलियाँ आयोजित कीं।

इँडिया के प्रमुख राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि इस बार मतदाता वर्ग में ‘मिश्रित’ प्रवृत्ति देखी जा सकती है। सरकार पर बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर धूसरता के कारण विरोधी दलों ने इसे प्रमुख मुद्दा बनाकर सामने रखा है। भाजपा के रैली में प्रधानमंत्री के प्रधानमंत्री की प्रतिज्ञा पर जोर दिया गया, जबकि कांग्रेस ने ‘विकल्पी विकास मॉडल’ व आकर्षक प्रोजेक्ट्स को प्रमुखता दी। आर.पी. ने अभिजात्य वर्ग के प्रति अपनी ‘संतुलित नीति’ को दोहराते हुए स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार का वादा किया।

परिणामी, प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं। कई नागरिक संगठनों ने चुनावी खर्च में पारदर्शिता की कमी और वोट‑बाध्यक वर्ग की असहायता के बारे में चिंता जताई है। चुनाव आयुक्त ने पहले ही चुनावी प्रक्रिया की ‘सुरक्षित’ और ‘स्वतंत्र’ रहने की पुष्टि के साथ अभिभावकों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के प्रयोग की दिशा में आश्वस्त किया, परन्तु तकनीकी गड़बड़ी की अटकलें फिर भी बनी हुई हैं।

विरोधी पार्टियों का यह भी दावा है कि सरकार ने पिछले तीन वर्षों में कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को “धुंधला” कर दिया है, जिससे विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की स्थिति कमजोर हुई है। इन बिंदुओं को लेकर स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण मंत्रालय ने कहा कि “सरकार ने सभी वर्गों के लिये सशक्त नीतियों का निर्माण किया है, तथा चुनिंदा बिंदुओं पर पुनर्विचार किया जा रहा है”।

अंत में, निविदा और मतदान प्रक्रिया के आसपास की राजनीति, नीतिगत विफलताओं की जाँच, और सार्वजनिक हित के प्रश्नों को लेकर इस चुनावी दौड़ को एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के इस निर्णायक क्षण में, मतदाता किस दिशा में झुकेंगे—यह आने वाले कल के परिणामों पर निर्भर करेगा।

Published: May 6, 2026