विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?
आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें।
वेल्श राजनीति में ध्रुति‑वृद्धि: रिफॉर्म यूके और प्लेड सीमै पर बढ़ते प्रभाव
वेल्स के हालिया चुनावी माहौल ने एक स्पष्ट ध्रुति‑वृद्धि को उजागर किया है, जहाँ परम्परागत दोपदीय संतुलन टूटकर नई ताकतों के सामने खुल रहा है। रिफॉर्म यूके, जिसकी पिछली सेनेड‑चुनाव में केवल एक प्रतिशत वोट थी, अब नयी अधिक अनुपातिक मतदान प्रणाली के तहत सबसे अधिक सीटें जिंकने के आशावादी परिदृश्य में दिख रहा है। परन्तु यह अस्थायी जीत, महज एक संख्या‑त्रिकोण के रूप में, वास्तविक शासन के लिये आवश्यक गठबंधन विकल्पों को न्यूनतम कर देती है।
रिफॉर्म यूके के नेता नाइजल फारेज ने मर्थर टिडफ़िल के किनारे स्थित एक शॉपिंग‑सेंटर के खुले आकाश के नीचे, मुफ्त पिज़्जा और तेज़ संगीत के साथ अपनी अंतिम बड़ी मंच‑भाषण दी, जिसमें उन्होंने आगामी वेल्श सेनेड, स्कॉटलैंड संसद और इंग्लिश स्थानीय चुनावों को एक मौका बताया, जहाँ 'नयी आवाज़ें' मौजूदा व्यवस्था को हिला सकें। यह सभा कई मायनों में प्रतीकात्मक थी: यह बेशक एक उज्ज्वल घटना थी, पर इसके बाद बीते दो दशकों के बाद वेल्स में दायाँ‑पाख़ का प्रथम दावेदार होने की यात्रा, तथाकथित मतदान‑प्रणाली के बदलाव के साथ मिल कर, एक राजनैतिक प्रयोग बन गया है।
वेल्श सेनेड में लागू नई अनुपातिक प्रणाली ने छोटे‑पार्टियों को प्राधिकरण‑बिन्यासी मंच दिया है, परन्तु इस प्रणाली ने उन पार्टियों को भी उभारा है जो किनारे‑किनारे की राजनीति में तल्लीन हैं। विपक्षी पार्टियों, विशेषकर प्लेड कॉरम्स एटालाने, ने इस ध्रुति‑प्रवृत्ति को अपने वोट‑बेस को सुदृढ़ करने का अवसर घोषित किया है। प्लेड के नेता ने कहा कि 'रिफॉर्म की उछाल केवल ध्रुति का संकेत है, वास्तविक परिदृश्य तब दिखेगा जब गठबंधन‑संभवताओं पर चर्चा होगी', यह स्पष्ट करने के लिए कि वह किसी भी तरह के रिफॉर्म‑सहयोग को अस्वीकार कर रहे हैं।
सपोर्टिंग पार्टियों की गठबंधन‑अस्वीकृति ने रिफॉर्म यूके को कवरेज‑पर‑आधारित बहुमत से बाहर कर दिया है। कई मध्य‑धारा गठबंधन, जैसे लेबर और लिबरल डेमोक्रेट्स, ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे रिफॉर्म के साथ कोई सरकार नहीं बनाएँगे। इस कारण, रिफॉर्म का उसके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बावजूद ‘सरकार बनाने की संभावना’ अत्यंत सीमित दिखाई देती है। ऐसा प्रतीत होता है कि मतदाता उस रूप‑रेखा को चाहते हैं जहाँ बहुत सी आवाज़ें सुनाई देती हैं, परन्तु सशक्त शासन का निर्माण एक ठोस सिरे से बँट रहा है।
यह स्थिति भारतीय राजनीति में देखी गई ध्रुति‑वृद्धि और गठबंधन‑असफलता की प्रतिध्वनि को भी दर्शाती है, जहाँ कई बार बड़े‑पैमाने के अभिलेखीय जीतें वास्तविक शासन में परिवर्तित नहीं हो पातीं। वेल्श परिदृश्य इस बात का सबक देता है कि मतदान‑प्रणाली का बदलाव, चाहे वह कितनी भी ‘लोकशाही‑उन्नति’ का दावा करे, राजनीतिक मण्डली के भीतर गठबंधन‑संकल्पना के बिना स्थायी परिवर्तन नहीं कर सकता। सार्वजनिक हित के लिये यह ज़रूरी है कि मतदाता केवल ‘वोट‑भारी’ दावों से नहीं, बल्कि ‘शासन‑भारी’ विकल्पों से अवगत हों।
Published: May 6, 2026