कंजरवेटिव्स ने स्टारमर को ‘अलोकतांत्रिक हिट‑जॉब’ का आरोप, यूके‑ईयू एकल बाजार प्रवेश के लिए £1 अर्ब खर्च का अनुमान
ब्रिटेन के प्रमुख विपक्षी नेता केनेथ स्टारमर को कंजरवेटिव पार्टी ने हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद ‘अलोकतांत्रिक हिट‑जॉब’ का लेबल लगा दिया। यह रिपोर्ट बताती है कि यदि यूके ईयू के एकल बाजार में प्रवेश करना चाहता है तो उसे लगभग एक बिलियन पाउंड का भुगतान करना पड़ेगा। विरोधी दल ने इस आंकड़े को स्टारमर की ‘ड्रॉप‑ऑफ‑इंडस्ट्री’ नीति का आरोप लगाते हुए पेश किया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव न केवल आर्थिक रूप से बेकाबू है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बायपास करने का इरादा रखता है।
इसी दौरान प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के लिए €90 बिलियन ईयू ऋण सहायता में शामिल होने की इच्छा जताई। कंजरवेटिव्स ने इस कदम की सराहना की, यह कहते हुए कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का निशान है। विरोधी दल का कहना है कि विदेश नीति की इस ओर झुकाव को घरेलू अर्थव्यवस्था पर पड़े संभावित बोझ के साथ संतुलित नहीं किया गया है।
ऐसे ही राजनीतिक परिदृश्य में, हाल ही में ‘More in Common’ ने वेल्श सिन्डेड (सेनेड) चुनाव के लिए एक MRP सर्वेक्षण जारी किया। परिणामों से पता चलता है कि प्लैड क्युम्रि (Plaid Cymru) और रिफ़ॉर्म यूके (Reform UK) सीटों के मामले में बराबर प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, जबकि लेबर पार्टी का प्रदर्शन तीव्र गिरावट दिखा। पिछले सर्वे में 24 सीटों पर रहने वाली लेबर अब केवल 14 सीटों के लिए घट गई है। कंजरवेटिव्स को स्थिर 9 सीटें मिलेंगी, वहीं हरे (Green) पार्टी को पहली बार 5 सीटों का हासिल होगा।
सेनेड में बहुमत के लिए 49 सीटों की आवश्यकता है। इस परिदृश्य में, कंजरवेटिव्स और रिफ़ॉर्म यूके मिलकर 43 सीटों के साथ छह सीटों की कमी को झेल रहे हैं, और कोई भी बधिर बायीं या केंद्र‑डायरेक्ट गठबंधन उनके साथ नहीं बनाना चाहता। प्लैड और लेबर मिलकर एक सीट की कमी से बहुमत हासिल नहीं कर पाएंगे, जबकि प्लैड और ग्रीन मिलकर 10 सीटों तक पीछे रहेंगे। इस प्रकार, वर्तमान में कोई भी स्पष्ट सरकार के गठन का रास्ता नहीं दिख रहा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये दोहरी घटनाएँ – ईयू बाजार का महंगा प्रवेश और वेल्श चुनाव में बहु‑पक्षीय संतुलन – भारत‑केन्द्रित भारतीय दर्शकों के लिए भी कई सबक रखती हैं। एक ओर, सरकार द्वारा बड़े अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में खर्च का अनुमान अक्सर सार्वजनिक विमर्श से बाहर बना रहता है, जिससे लोकतांत्रिक जवाबदेही में बाधा उत्पन्न होती है। दूसरी ओर, बहु‑पक्षीय प्रतिस्पर्धा और गठबंधन कठिनाइयाँ दिखाती हैं कि केवल एक प्रमुख दल पर निर्भरता नीति‑निर्धारण को स्थिर नहीं रख सकती।
कंजरवेटिव्स के आरोपों और स्टारमर के उत्तर के बीच यह लड़ाई आने वाले चुनावी माहौल को और तनाज़ी के साथ तैयार करेगी। क्या यूके सरकार यूरोपीय बाजार में प्रवेश के लिए वास्तविक आर्थिक लाभ देख पाएगी, या यह केवल राजनैतिक हथियार बनकर रह जाएगा? इसी के साथ, वेल्श सेनेड का भविष्य भी इस प्रश्न पर निर्भर करेगा कि कौन‑सी गठबंधन की रचनात्मकता और नीति‑दृष्टि जनता की मांगों के साथ मेल खाती है।
Published: May 4, 2026