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Category: राजनीति

इज़राइल‑गाज़ा तनाव में फिर दहलीज, भारत की विदेश नीति पर सवाल

इज़राइल ने गाज़ा में जारी संघर्ष को फिर तेज़ करने की चेतावनी दी है, यह कहा गया है कि यदि फ़िलिस्तीनी समूहों ने इस 'त्रुटिपूर्ण' शांति समझौते के तहत अपना हथियार त्याग नहीं किया, तो सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू होगी। अमेरिकी मध्यस्थता में तैयार किए गए प्रस्ताव में मानवीय सहायता को हथियार त्याग के साथ जोड़ने की शर्त रखी गई है, जिसे हमास और इस्लामिक जिहाद सहित कई फ़िलिस्तीनी धड़े स्पष्ट रूप से खारिज कर चुके हैं।

भारत का राजनयिक मोर्चा इस मामले में दोधारी तलवार जैसा लग रहा है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इज़राइल‑फ़िलिस्तीन संघर्ष को "राष्ट्रों के बीच योग्य संवाद" कहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राज्य के साथ रणनीतिक साझेदारी को भी दृढ़ बनाए रखने की तलाश में है। इस द्वंद्वपूर्ण रुख को आलोचनात्मक रूप से देखता है विपक्ष, जो सरकार को अपने सिद्धांतों से समझौता करने का आरोप लगाता है।

कांग्रेस गठबंधन ने इस अवसर का उपयोग करके सरकार की मध्य पूर्व नीति पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि इस तरह की शर्तबद्ध सहायता को अपनाने से भारत की "न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय भूमिका" धूमिल हो सकती है। बित्तीय मामलों में भी सवाल उठता है: यदि भारत अमेरिकी-निर्देशित मानवीय सहायता में शामिल हो जाता है, तो क्या इससे भारतीय करदाता की सुरक्षा के लिए उपयुक्त पारदर्शिता मिल पाएगी?

संसदीय मंच पर बहस के दौरान कई संसद सदस्यों ने यह उजागर किया कि गाज़ा में मानवीय संकट को हल करने के लिए केवल हथियारों की वापसी नहीं, बल्कि राजनयिक संवाद, आर्थिक पुनर्निर्माण और स्थायी शांति एवं सुरक्षा की यथार्थवादी रूपरेखा आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत की विदेश नीति को "विफलता की ओर ले जा सकती" ऐसी प्रारूपिक शर्तें न दें जो स्थानीय संघर्ष को और गहरा करें।

भ्रष्ट या बेकार नीतियों की जांच करने वाले नागरिक संगठनों ने भी इस पर अपनी आवाज़ उठाई। उन्होंने कहा कि भारत को "संतुलित और स्थायी" सहायता प्रदान करनी चाहिए, जिससे न केवल फ़िलिस्तीनी जनता को तत्काल राहत मिल सके, बल्कि दीर्घकालिक शांति प्रक्रिया को भी समर्थन मिले। इस क्रम में सरकार को अपने सामरिक हित और मानवीय मूल्यों के बीच स्पष्ट रेखा खींचनी होगी, नहीं तो चुनावी वादों के पीछे छिपी नीति‑विफलता को जनता का भरोसा धीरे‑धीरे घटेगा।

Published: May 3, 2026