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अमेरिकी नौका हत्याकांड पर भारत की विदेश नीति पर सवाल
पिछले पाँच दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका ने करिबियन और पुरब‑प्रशांत के जलक्षेत्रों में ड्रग तस्करी से जुड़ी नौकों पर लगातार तीन हवाई हमले किए। तीसरे हमले में दो लोगों की मौत हुई और एक साथी बच गया। यह घटना कुल मिलाकर 57 ऐसे हमलों में से एक है, जो इस क्षेत्र में अकसर बिना किसी जीवित बचे हुए समाप्त होते हैं।
भारत‑अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के ढांचे में सत्ता‑संबंधी गतिशीलता को देखते हुए यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश‑नीति के सवालों को नई दिशा देती है। नई दिल्ली ने अब तक इस प्रकार के सैन्य हस्तक्षेप को सार्वजनिक तौर पर न तो निंदा की है, न ही समर्थन दिया है, जबकि विदेश मामलों के मंत्रालय ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय ड्रग‑ट्रैफिकिंग के खिलाफ सभी वैध प्रयासों का स्वागत करता है।
विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय अदालत के आदेश के ऐसे ऑपरेशनों को अंजाम देना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के सिद्धांतों के विपरीत है। राजदलीय दिग्गजों ने यह भी प्रश्न किया कि क्या भारत की अपनी सीमाओं में ड्रग‑ट्रैफिकिंग से लड़ने की नीतियाँ पर्याप्त हैं, जब विदेश में इस स्तर की “सटीक लक्ष्यीकरण” की संभावनाएँ दिख रही हैं।
सरकार ने कहा कि भारत‑अमेरिका द्विपक्षीय वार्तालाप में इस मामले पर चर्चा जारी है और “सामान्य सुरक्षा” के मद्दे नजर सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। हालांकि, इस बयान में विशिष्टता की कमी ने विपक्षी सांसदों को “अस्पष्टता” और “जटिलता” के खिलाफ आवाज़ उठाने का अवसर दिया। उन्होंने कहा, “जब विदेश में ड्रग‑भंडार को मारते‑मारते हम अपने नागरिकों की सुरक्षा में दोहरा कदम नहीं उठा पा रहे, तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारी नीति कितनी विश्वसनीय है?”
ड्रग‑ट्रैफिकिंग की जाल में भारत भी एक महत्वपूर्ण क्षेत्रफल रखता है, विशेषकर उत्तर‑पूर्वी सीमा पर अफ़ग़ानिस्तान‑पाकिस्तान‑त्रिपुरा‑असाम में। यहाँ तक कि राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरी के लिए ‘ड्रग‑नियंत्रण नीति 2023’ को पुनः संशोधित करने की मांगें लगातार बढ़ रही हैं, जबकि वास्तविकता में फॉर्मेसी, पुनर्वास आदि क्षेत्रों में निवेश कहर‑से‑फिरोही बना हुआ है।
इन घटनाओं के प्रकाश में कई नीति विश्लेषकों का मानना है कि भारत को अपने “कुश्ती‑पूर्ण” शरणागत नीतियों के साथ साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत है। संक्षेप में, अमेरिकी नौका हत्याकांड न केवल एक सैन्य घटना है, बल्कि यह भारत के विदेश‑नीति, मानवाधिकार रुख और घरेलू ड्रग‑नीति के आकलन में नया द्वार खोलता है।
Published: May 9, 2026