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Category: भारत

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मनिशंकर ऐयर ने कांग्रेस की टीवीके समर्थन पर लगाया “राजनीतिक मूर्खता” का आरोप

वित्तीय एवं राजनैतिक मामलों के विशेषज्ञ तथा पूर्व विदेश मंत्री मनिशंकर ऐयर ने 8 मई 2026 को कांग्रेस पार्टी के टीवीके (तामिलनाडु के एक प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक नेता) को समर्थन के निर्णय पर तीव्र आलोचना की। उन्होंने इस कदम को “राजनीतिक मूर्खता” कहा, क्योंकि कांग्रेस ने यह समर्थन देते हुए यह नहीं सुनिश्चित किया कि उनके गठजोड़ में बहुमत की गारंटी है।

कांग्रेस के इस समर्थन का उद्देश्य आगामी राज्य विधान सभा चुनावों में एक संभावित गठबंधन बनाना और टीवीके‑समर्थित दल को सत्ता में लाना माना गया था। लेकिन ऐयर का मानना है कि बिना बहुमत की स्पष्ट गणना के समर्थन देना प्रशासनिक जोखिम को बढ़ाता है, जिससे सरकार की स्थिरता तथा नीति‑निर्माण में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं।

ऐयर ने कहा, “बहुमत की अनुमानित गिनती के बिना किसी जमीनी नेता को समर्थन देना असंचालित शासन की ओर ले जाता है। ऐसी चाल से न केवल सत्ता का प्रयोग अस्थिर हो जाता है, बल्कि नीति‑निर्माण की निरंतरता भी प्रभावित होती है।” उनका यह बयान कांग्रेस‑टीवीके गठबंधन के संभावित परिणामों को लेकर गहरी चिंता दर्शाता है और राजनैतिक परिपक्वता की कमी को उजागर करता है।

कांग्रेस पार्टी ने अभी तक इस टिप्पणी पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है। पार्टी प्रवर्तकियों ने कहा कि “राजनीतिक समुह गठबंधन में समय-समय पर जोखिम उठाना अनिवार्य है, परंतु हम जनता के हित में कार्य करेंगे।” इस तरह के उत्तर से कई विश्लेषकों ने संकेत दिया कि पार्टी अपने चुनावी रणनीति को लेकर संवेदनशील स्थिति में है और अब वह अपने निर्णयों की वैधता को सुदृढ़ करने के लिए प्रायोगिक कदम उठाएगी।

पार्टी के इस कदम के प्रशासनिक निहितार्थों पर विचार करते हुए, विशेषज्ञों ने कहा कि यदि गठबंधन बिना बहुमत के बनता है तो विधायी प्रक्रिया में अड़चनें, बजट पारित करने में दिक्कतें और नीतियों के कार्यान्वयन में देरी जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इससे सरकार की जवाबदेही में गिरावट और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में कमी आने की सम्भावना है।

वर्तमान में कई राज्य स्तर के संस्थानों ने इस गठबंधन को सटीक आंकड़ों के अभाव में संभावित अस्थिरता का कारण माना है। यह स्थिति अंततः सार्वजनिक भरोसे को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ विकास परियोजनाएँ और सामाजिक कल्याण योजनाएँ चल रही हैं।

समग्र रूप से, मनिशंकर ऐयर की आलोचना कांग्रेस की रणनीतिक रूपरेखा में मौजूदा कमजोरी को उजागर करती है। यह सवाल भी उठाता है कि क्या राजनैतिक दल चुनावी लाभ के लिए संस्थागत स्थिरता को त्यागने को तैयार हैं, और क्या इस तरह के फैसले आगे चलकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाएंगे।

Published: May 8, 2026