बारियर‑लेस टोल प्लाज़ा में FASTtag न प्रयोग करने पर सेवाओं को निलंबित किया जाएगा
राष्ट्रीय राजमार्ग निकाय (NHAI) ने 5 मई 2026 को जारी एक निर्देश्य अधिसूचना में कहा है कि यदि वाहन‑धारक बारियर‑लेस टोल प्लाज़ा में FASTag के माध्यम से भुगतान नहीं करते, तो ताल्लुक़ात वाले टोल संघटक की सभी सेवाएँ निलंबित की जाएँगी जब तक बकाया रक़म का निपटारा नहीं हो जाता। यह कदम उसी वर्ष के मध्य में शुरू होने वाले तेज‑गति टोल‑भुगतान प्रोटोकॉल के अनुपालन को मजबूर करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नीति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- बारियर‑लेस टोल प्लाज़ा – अर्थात् बिना फिज़िकल टॉल बॉक्स के स्वचालित बिंदु – पर FASTag अनिवार्य किया गया।
- यदि टैग रीडर द्वारा भुगतान नहीं हो पाया, तो वाहनधारक को 24 घंटों के भीतर नकद या अन्य वैकल्पिक माध्यम से बकाया लंबा करना होगा।
- बिलम्ब की स्थिति में, वही टोल प्लाज़ा की सभी इलेक्ट्रॉनिक सेवाएँ (जैसे ट्रैफ़िक मॉनिटरिंग, डेटा लॉगर) निलंबित कर दी जाएँगी, जिससे वाहनधारकों को बाध्यकारी वैकल्पिक मार्ग पर पुनः रूटिंग करनी पड़ेगी।
- निलंबन समाप्त करने के लिये बकाया भुगतान के साथ एक प्रशासनिक सफाई शुल्क भी लगना आवश्यक होगा।
आवेदकों, परिवहन एजेंसियों और सामान्य जनता की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है। परिवहन मंत्रालय ने कहा कि यह “डिजिटल भुगतान के व्यापक अपनाने को तेज़ करने” के लिये एक “अवश्यक कदम” है, किंतु राष्ट्रीय राजमार्गों पर दैनिक लाखों यात्रियों के लिये आकस्मिक निलंबन का जोखिम प्रणालीगत असंतुलन को उजागर करता है। कई हितधारक इस बात पर संकेत दे रहे हैं कि नीतिगत दिशा‑निर्देशों में “अस्पष्ट प्रावधानों” और “कुशल ग्रिवेंस-रेड्रेस मैकेनिज़्म” की कमी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि बारियर‑लेस प्रणाली के सफल कार्यान्वयन के लिये दो बुनियादी शर्तें आवश्यक हैं: 1) तेज़ और विश्वसनीय टैग रीडिंग इंफ़्रास्ट्रक्चर, और 2) उपयोगकर्ता‑सहज भुगतान विकल्प। वर्तमान में कई दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क कवरेज कमजोर है, जिससे टैग रीडर कई बार विफल होते हैं। इस स्थिति में निलंबन का प्रावधान न केवल असुविधा बढ़ाता है, बल्कि राजमार्ग पर अनपेक्षित भीड़भाड़ और सुरक्षा जोखिम भी उत्पन्न करता है।
नियम के कार्यान्वयन में प्रशासनिक ‘स्लॉपी’ दृष्टिकोण का बड़ा आह्वान है। NHAI ने निलंबन प्रक्रिया का “स्वचालित” बताया, पर वास्तविकता में प्रत्येक मामले की समीक्षा, सूचना‑प्रसारण, और निलंबन‑उठाव की प्रक्रिया कई हफ़्तों तक खींची जा सकती है। इससे न केवल सार्वजनिक भरोसा घटता है, बल्कि टोल संग्रह में भी दीर्घकालिक क्षति की संभावना बनती है।
सारांश में, FASTtag अनिवार्यकरण का उद्देश्य डिजिटल राजमार्ग प्रबंधन को सुदृढ़ बनाना है, पर यह लक्ष्य अधूरे नियोजन, अनुचित जोखिम‑आकलन और अनुशासनहीन संस्थागत जवाबदेही से परे है। नीति‑निर्माते यदि गंभीरता से सार्वजनिक हित को प्रथम स्थान पर रखना चाहते हैं, तो केवल दंडात्मक उपायों पर भरोसा नहीं किया जा सकता; उन्हें व्यापक तकनीकी समर्थन, स्पष्ट संचार, तथा त्वरित शिकायत‑निवारण चैनल प्रदान करने चाहिए। नहीं तो निलंबन‑नीति स्थायी रूप से राजमार्ग‑परिसर में नई असंतुष्टि की लहर खड़ा करेगी।
Published: May 5, 2026