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Category: भारत

देविकुलम विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस के एफ. राज़ा ने सीपीआई (एम) को नज़दीकी मुकाबले में हराया

केरल के देविकुलम सेक्टर में 4 मई 2026 को हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार एफ. राज़ा ने सीपीआई (एम) के प्रत्याशी को 1,147 मतों के अंतर से मात दी। कुल मतदान 78.6 प्रतिशत था, जो पिछले चुनावों की तुलना में थोड़ा गिरा, परन्तु मतगणना की गति और पारदर्शिता पर कई प्रश्न उठे।

चुनाव परिणामों का प्रारम्भिक परिपत्रण अगले दिन ही जारी किया गया, फिर भी कई भागों में मतदान स्थल पर बर्नर की कमी, मतपत्र बूथ के अनुचित स्थान और इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों (EVM) की तकनीकी गड़बड़ी की रिपोर्टें सामने आईं। इन विफलताओं से चुनाव आयोग की तैयारी में औसत से नीचे के प्रदर्शन का संकेत मिलता है, जबकि चुनाव प्रक्रिया की भरोसेमंदता पर निर्भरता को देखते हुए यह एक गंभीर प्रशासनिक चूक है।

विजेता एफ. राज़ा ने जीत के बाद अपने प्रथम प्रमुख लक्ष्यों में बुनियादी ढांचे के तेज निर्माण, कृषि प्रवर्तन तथा रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने का वचन दिया। जबकि सीपीआई (एम) का प्रत्याशी विकास कार्य में वास्तविक पहुँच की कमी और पुरानी प्रशासकीय जड़ता को लेकर आलोचना करता रहा, यह बात स्पष्ट है कि मतदाता केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस नीतियों का भी इंतजार कर रहे थे।

राजस्थान के निर्वाचन अधिनियम के तहत विधानसभा चुनाव को सुरक्षा से बचाना सरकार की जिम्मेदारी है, परन्तु इस बार कई स्थानों पर निकासी दलों को पर्याप्त सज्जा नहीं मिल पाई। स्थानीय प्रशासन द्वारा नियोजित सुरक्षा बलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, जिससे मतदान के दौरान छोटे‑छोटे अराजक स्थितियां उत्पन्न हुईं। ऐसी लापरवाही न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुद्धता को धूमिल करती है, बल्कि भविष्य में मतदान सहभागिता को भी निरुत्साहित कर सकती है।

न्यायिक और प्रशासनिक संस्थाओं से स्पष्ट अपेक्षा है कि वे चुनाव के पश्चात् जनशिकायतों का त्वरित निराकरण करें और अहर्ता‑आधारित सुधारों को लागू करें। वर्तमान में, चुनाव आयोग के पास विसंगतियों की विस्तृत रिपोर्ट अभी भी संकलित हो रही है; इस देरी से संस्थागत जवाबदेही को बोझिल करने की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है।

इसी संदर्भ में कहा जा सकता है कि अगर प्रशासनिक सुस्ती को दूर नहीं किया गया तो अगली बार ऐसी नज़दीकी लड़ाइयाँ केवल मतगणना के आँकड़ों में ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक विश्वास के गिरावट में भी परिलक्षित होंगी। लोकतंत्र की दृढ़ता तभी बनी रहेगी, जब निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में शासकीय संस्थाओं का त्वरित और पारदर्शी कार्य‑प्रणाली सुनिश्चित हो।

Published: May 4, 2026