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चिराग पासवन ने कहा, पश्चिम बंगाल में "हिंसा की राजनीति" को मतदाताओं ने ठुकरा दिया; आदिकारी के सहयोगी की मौत में टीएमसी के गनू को दांव पर लगाया
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को भाजपा नेता सुवेंदु आदिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ राठ की हत्या को "हिंसा की राजनीति" की सच्ची मिसाल कहा। उन्होंने यह कहा कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने इस रुख को स्पष्ट रूप से नकार दिया और ऐसे माहौल में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बुनियाद कमजोर हो रही है।
पासवान ने तत्काल यह आरोप लगाया कि इस हत्या में त्रिवेणी ममता वार्ड (टीएमसी) के गनू – अर्थात् स्थानीय थगड़ – शामिल हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं करने का दृढ़ इरादा रखती है और राज्य में कोई भी हिंसा सरकार की कामना नहीं है। इस बयान के पीछे एक रणनीतिक संकेत भी छुपा है: आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा को राज्य शासन स्थापित करने की उम्मीदें तेज़ी से बढ़ रही हैं।
हत्याकांड के तुरंत बाद राज्य प्रशासन को सवालों के घेरे में ला दिया गया। लैंडलाइन और मोबाइल नेटवर्क पर 48 घंटे की निरोधात्मक रिपोर्टिंग के बावजूद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच में ठहराव दिखाया। यह न केवल पुलिस प्रशासन की क्षमता पर प्रश्न उठाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि चुनावी माहौल में सुरक्षा बलों को अक्सर राजनीतिक दबाव झेलना पड़ता है।
केंद्रीय सरकार ने इस पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि केंद्र के गृह मंत्रालय के विशेष दफ़्तर से इस मामले की निगरानी की जाएगी। लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि मौजूदा नीति ढाँचा, जिसमें राज्य सरकार के साथ सहयोगी नीतियों पर निर्भरता है, वह असुरक्षित परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं है। इस प्रकार की घटनाएँ नीतिगत विफलता और संस्थागत जवाबदेही के अंतराल को उजागर करती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंसा के साथ राजनैतिक जीत की ऊँची कीमत, लोकतांत्रिक संस्थाओं की कामकाज की लाचारी को दर्शाती है। यदि केंद्र सरकार सच्चे तौर पर इस ‘हिंसा की राजनीति’ को समाप्त करना चाहती है, तो उसे न केवल कड़ाई से जांच की प्रक्रिया को तेज़ करना होगा, बल्कि राज्य‑केंद्रीय समन्वय में सुधार, सुरक्षा बलों की स्वायत्तता तथा चुनावी अभियानों में नागरिक जागरूकता को बढ़ावा देना होगा। नहीं तो यह मामला फिर से ‘राजनीति के खेल’ का हिस्सा बनकर, लोकतांत्रिक स्वाभिमान को धुंधला कर देगा।
Published: May 7, 2026