इंडिगो हैदराबाद‑छंडीगढ़ फ़्लाइट में बैटरी आग, यात्रियों को स्लाइड से निकाला, सभी सुरक्षित
5 मई 2026 को इंडिगो की हैदराबाद‑छंडीगढ़ नियमित उड़ान में बैटरी के जलने की घटना हुई। विमान, जो एरलाइंस की प्रमुख एयरबस A320‑नेबो के बेड़े से था, लैंडिंग के बाद आपातकालीन स्लाइड का उपयोग कर यात्रियों को तुरंत निकाला गया। इस प्रक्रिया में कोई चोट‑घाव नहीं हुआ, सभी 150 से अधिक यात्री सुरक्षित रहने वाले विकसित बिंदु तक पहुँच गए।
घटना पर तत्काल प्रतिक्रिया देने वाले हवाई अड्डे के एमरजेंसी टीम ने कहा कि आग पूरी तरह नियंत्रण में थी और फ़्लाइट क्रू ने समय पर एलार्म सक्रिय कर व्यवस्थित निष्कासन किया। जबकि इस सूक्ष्म कार्रवाई की प्रशंसा की गई, घटना के मूल कारण को लेकर प्रशासनिक प्रश्न उठे हैं।
डायरेक्टरेट जेनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने तुरंत एक प्रारम्भिक जांच का आदेश दिया और सभी इंडिगो के समान मॉडल विमान के लिए बैटरी निरीक्षण लागू करने का हवाला दिया। लीथियम‑आयन बैटरी के प्रयोग पर पहले भी कई चेतावनी जारी की गई थीं, परन्तु इस प्रकार की घटना फिर से सामने आना नियम‑पालन में निरंतर चूक का संकेत देता है।
विमान में बैटरी आग की संभावित कारणों में ओवरहीटिंग, पैकेजिंग की कमी या चुकी अनुशासनात्मक उपाय शामिल हैं। इंडिगो ने कहा कि वह बैटरी प्रवहन के लिए सभी नियामक निर्देशों का पालन करता है तथा क्षतिग्रस्त भागों की जाँच कर रही है। फिर भी, नियामक निकायों की निगरानी और एअरलाइन की आंतरिक सुरक्षा नीति में अंतराल स्पष्ट हो रहा है।
यह घटना भारतीय नागरिकों के लिए एक चेतावनी बन गई है कि आधुनिक यात्रा में लिथियम‑आधारित उपकरणों की सुरक्षा केवल प्री‑फ़्लाइट चेक तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि DGCA को मौजूदा बैटरी‑परिवहन नियमों को कड़ा करना चाहिए, विशेषकर ओवर‑हेड बिन में संग्रहण के समय विशेष प्रतिबंध लगाने चाहिए। साथ ही, हवाई अड्डों पर फायर‑फ़ाइटिंग बॉट्स और बैटरियों के लिए विशेष डिटेक्शन सिस्टम की तैनाती को शीघ्रता से लागू करने की आवश्यकता है।
प्रशासनिक तौर पर यह स्पष्ट है कि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली काम कर रही है, परंतु घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिये नीति‑निर्माण में तत्परता और नियामक कार्यान्वयन की सख़्त निगरानी अनिवार्य है। निरंतर देखरेख और जवाबदेही के अभाव में संस्थागत सुस्ती भारतीय विमानन सुरक्षा को कमजोर कर सकती है।
वर्तमान में, DGCA ने इंडिगो को तुरंत प्रभावित विमान को मरम्मत अथवा प्रतिस्थापन के लिए लाया है और एक विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट की मांग की है। इस रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में लिथियम बैटरियों के परिवहन पर नए दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं, जिससे समान घटनाओं से बचाव संभव होगा।
Published: May 5, 2026