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Category: अपराध

सुल्तानगंज नगर परिषद में दहशत: अधिकारी की हत्या और सभापति को भी गोली

बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में दोपहर के बाद एक समूह ने अनधिकृत प्रवेश कर घातक गोलीबारी की। पुलिस के अनुसार, इस घटना में एक कार्यकारी अधिकारी (ईओ) की मृत्यु हो गई और सभापति को सिर में गोली लगी, जिनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

स्थानीय पुलिस ने तुरंत स्थान पर पहुंच कर आपराधिक गुप्तचर यंत्र की सहायता से घटनास्थल की जाँच आरम्भ की। दर्ज किए गए प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर, इस घातक कृत्य के संदिग्धों के खिलाफ हत्या तथा हत्या का प्रयास के लिए अभियोजन की संभावनाएँ स्थापित की गई हैं। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज, अस्त-व्यस्त गोली के निशान और गोलीबारी के बाद के निशान‑नक्शे का विश्लेषण किया है।

पुलिस के मुताबिक, संदिग्धों को पहचानने के लिये साक्षी गवाहों का बयान लिया गया और अपराध स्थल से बरामदे की दिवार पर मौजूद पैरामिलिटरी उपकरणों की जाँच की जा रही है। क्षतिग्रस्त साक्ष्य सामग्रीयों की फोरेंसिक जाँच के बाद, आगे की कार्रवाई के लिये कोर्ट को दस्तावेज़ीकरण प्रस्तुत किया जाएगा।

वकील सिमरनजीत सिंह सिद्धू, जो पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में आपराधिक कानून का अभ्यास करते हैं, ने कहा कि ऐसी मामलों में जमानत का निर्णय न्यायालय की विवेकाधीनता पर निर्भर करता है और अभियोजन पक्ष को साक्ष्य का स्पष्ट पैकेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गिरफ्तारी के बाद अधिकारों की रक्षा के लिए बाध्यकारी प्रक्रिया का पालन होना चाहिए।

प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नगरपालिका कार्यालयों में सुरक्षा उपायों को सख्त करने की आवश्यक्ता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा को रोका जा सके, इसके लिये तेज़ी से कार्यवाही की जाएगी और स्थानीय शमन समूहों को सतर्क किया गया है।

वर्तमान में, पुलिस ने कई संभावित संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है और मामला न्यायिक जांच में आगे बढ़ रहा है। न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेज़ों के आधार पर आगे की सजा की कार्यवाही तय होगी।

Published: May 4, 2026