सुल्तानगंज नगर परिषद में गोलीबारी: कार्यपालक अधिकारी की मृत्यु, सभापति गंभीर
भगलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में दो स्थानीय कार्यकारियों पर गोलीबारी हुई, जिसके परिणामस्वरूप कार्यपालक पदाधिकारी का सिर में दो गोलियाँ लगने से उनका निधन हो गया। साथ ही, नगर परिषद के सभापति को भी सिर में गोली लगी है और उनकी स्थिति गंभीर है। घटना के समय गश्त दल की कमी के कारण अपराधियों को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का अवसर मिला।
पुलिस के अनुसार, इस अपराध का प्रारम्भिक कारण सभापति को मारने के उद्देश्यों से मिश्रित बदमाशों की संगठित कार्रवाई थी। पुलिस ने तत्काल घटना स्थल पर फौजदारी रिपोर्ट दर्ज कर, अपराधी पहचान के लिए सुरक्षा कैमरा फुटेज की जांच शुरू की। कार्यवाही में सुरक्षा कैमरा फुटेज, गवाहों के बयानों और फायरआर्म के निचे पदचिह्न को तकनीकी रूप से विश्लेषित किया जा रहा है।
वर्तमान में अपराध शाखा ने विशेष जांच दल गठित कर, सम्बंधित अपराधियों को क़दम-क़दम पर पहरे में रखकर उनका पता लगाने का काम तेज़ किया है। पुलिस ने यह भी बताया कि घटना से जुड़े कई संभावित अपराधी, जिनके खिलाफ हत्या (धारा 302), प्रयास हत्या (धारा 307) और संगठित अपराध (धारा 120बी) के आरोप लगाए जा सकते हैं, पर साजिश की साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रक्रिया जारी है।
जाँच के प्रारम्भिक चरण में, सुरक्षा कैमरा रिकॉर्ड की प्रतिलिपि को डिजिटल रूप में सुरक्षित कर, फॉरेंसिक विशेषज्ञों को सौंपा गया है। साथ ही, घटनास्थल से बरामदा, बंदूक के केस, और अन्य संभावित सबूत एकत्रित किए गए हैं। पुलिस ने कहा कि यदि सबूत प्रभावी सिद्ध होते हैं तो मामलों को सत्र अदालत में पेश कर, साक्ष्य के आधार पर उचित आरोप पत्र तैयार किया जाएगा।
इस प्रकार की संवेदनशील घटनाओं में न्यायिक प्रक्रिया के प्रति पारदर्शिता और समयबद्धता आवश्यक है। अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धू के अनुसार, “फिर्यादी अभियोजन तथा जमानत के चरणों में पुलिस द्वारा साक्ष्य एकत्रण, सुरक्षा उपायों का पालन और आरोपी की शर्तों का स्पष्ट निर्धारण न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण है।”
अंत में, स्थानीय प्रशासन ने इस हड़ताल के बाद सुरक्षा के अतिरिक्त उपाय करने, पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने और भविष्य में इसी प्रकार की हिंसा को रोकने हेतु आपातकालीन प्रोटोकॉल को पुनः审査 करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में मामला सक्रिय जांच के चरण में है और पूरी जानकारी के अभाव में आगे कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
Published: May 4, 2026