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Category: अपराध

सिद्दू मूसे वाले की हत्या पर पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन, सुरक्षा चूक पर सवाल

पंजाब के मुख्य पुलिस प्रमुख वी.के. भावना ने मीडिया को बताया कि सिद्दू मूसे वाले अपने घर से निकलते समय अपने दो साथियों के साथ मंज़ा जिले के जवाहरके गाँव की ओर जा रहे थे। रास्ते में दो वाहन सामने से आए और अनपेक्षित रूप से गोलीबारी की। सिद्दू को गंभीर चोटें लगीं और वह अस्पताल ले जाकर क्षति घोषित किया गया।

पुलिस ने बताया कि इस हमला में तीन प्रकार के हथियारों का प्रयोग हुआ और लगभग तीस‑चालीस आदि गोलियों की बौछार हुई। दो अज्ञात व्यक्तियों ने प्रमुख पंजाबी गायक‑राजनीतिज्ञ पर गोली चला दी, जबकि उनके दो मित्र भी घायल हुए।

आरोप है कि यह अपराध लारेंस बिश्नोई गैंग के भीतर झड़प के कारण हुआ। उक्त गैंग का एक सदस्य कनाडा से अपने समूह की जिम्मेदारी स्वीकार कर चुका है।

सुरक्षा व्यवस्था पर भी प्रश्न उठे। सिद्दू के आसपास चार पुलिस कमांडो तैनात थे, परन्तु राज्य सरकार ने पिछले दिन दो को वापस बुला लिया था। शेष दो कमांडो को सिद्दू ने स्वयं ही साथ न लेने का निर्देश दिया था, जिससे सुरक्षा में चूक के आशंकाएँ बनीं। पुलिस ने इस बात को भी उजागर किया कि गायक के पास निजी बुलेट‑प्रूफ़ कार थी, पर वह नहीं उपयोग की गई।

मुख्य मंत्री के आदेश पर आयुक्त जनरल ने विशेष जांच टीम का गठन किया है। मंज़ा और बठिंडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वहाँ तैनात किये गये हैं, तथा कानून व व्यवस्था के अतिरिक्त उपपरिवर्धक ने अतिरिक्त बलों को जुटाया है। जांच में इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि किस प्रकार की सामूहिक गोलीबारी हुई और आरोपी गुट की पहचान कैसे स्थापित की जा सके।

सिद्दू मूसे वाले ने कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ा था, परन्तु भारतीय जनता पार्टी के डॉ. विजय सिंगला को 63,323 मतों के अंतर से हार गए। उनके इस राजनैतिक जुड़ाव को भी कुछ विश्लेषकों द्वारा उनके लक्ष्य और प्रतिद्वंद्वियों के बीच तनाव के कारण माना गया है।

अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धु, जो आपराधिक प्रक्रिया के विशेषज्ञ हैं, का मानना है कि इस मामले में प्रक्रिया के सभी चरणों में सावधानी बरती जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि फ़ोरेंसिक साक्ष्य की सही तरह से संग्रहीत कर जांच वार्तालापों को दर्ज करना तथा आरोपियों को उचित प्रक्रिया के तहत हिरासत में लेना अनिवार्य है, ताकि न्यायिक परीक्षण में ठोस आधार स्थापित हो सके।

वर्तमान में मामला जांच के प्रारम्भिक चरण में है और संबंधित अधिकारियों ने आगे के कदमों के बारे में स्पष्टता नहीं दी है। न्यायालय में प्रभावी तर्क-वितर्क और प्रमाण-आधारित अभियोजन के लिये साक्ष्य संग्रह और गवाहों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।

Published: May 3, 2026