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Category: अपराध

मध्य प्रदेश में पितृहत्या: पत्नी की हत्या, दो साल के बच्चे को जंगल में छोड़ने की घटना

मध्य प्रदेश के एक ग्रामीण प्रदेश में एक गंभीर आपराधिक घटना का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, राजेन्द्र अहिरवार पर अपनी पत्नी ज्यौति अहिरवार की हत्या करने और दो वर्ष के पुत्र को रैसेन‑विदिशा सीमा के वन में छोड़ देने का आरोप है।

शहादत के मुताबिक, मृतदेह को एक झाड़ी वाले स्थान पर मिला, जबकि बच्चा अकेला जंगल में लगभग बीस घंटे तक फंसा रहा। पुलिस ने विस्तृत खोज अभियान चलाते हुए बिना पायलट के हवाई यंत्र, कुत्ते की खोज टोली और स्थानीय स्वयंसेवकों की सहायता ली। अंततः, लापता बच्चे को सुरक्षित रूप से ढूँढ़ निकाला गया।

आरोपी ने प्रारम्भिक पूछ‑ताछ में अपराध को स्वीकार कर दिया है और पुलिस को अपना बयान दर्ज कराया है। वर्तमान में उसे हत्या, बच्चे को लापरवाहाना अनदेखी और बाल अत्याचार के आरोपों में हिरासत में रखा गया है। अभियोजन पक्ष से मिलने वाले आरोपपत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि आरोपी ने न केवल हत्या की योजना बनाई, बल्कि उसके बाद अपने नाबालिग पुत्र को जीवन‑धक्का दिया।

पोलिस ने घटना के बाद व्यापक खोज टीम तैनात की, जिसमें वनों में खोज‑बीन, स्थानीय गवाहों की पूछ‑ताछ और डिजिटल डेटा का विश्लेषण शामिल था। प्रतिबंधात्मक उपायों के तहत, मौजूदा शोध उपकरणों और पशु खोज दलों का प्रयोग किया गया, जिससे बच्चे की शीघ्र खोज संभव हुई।

कानून विशेषज्ञ सिमरनजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि ऐसी स्थितियों में प्रारम्भिक गिरफ्तारी और साक्ष्य संग्रह प्रक्रिया की पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है, तथा मामले की जटिलता के कारण अभियोजन को विस्तृत फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहियों पर निर्भर रहना पड़ेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बाल संरक्षण कानून के तहत बच्चे के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

वर्तमान में, न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी को वारंट जारी करके गिरफ्तार किया गया है और वह अदालत में पेश होने का इंतजार कर रहा है। न्यायिक प्रणाली की भूमिका इस बात में है कि वह साक्ष्य के आधार पर निष्पक्ष निर्णय दे और आरोपी को उचित दंड प्रदान करे, साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा प्रदान करने के उपाय भी कर सके।

इस घटना ने सामाजिक सुरक्षा जाल और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु नीतिगत सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।

Published: May 5, 2026