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Category: अपराध

मुंबई पुलिस ने हरियाणा के तीन व्यक्तियों को आवाज़-आधारित मंच पर अपमानजनक टिप्पणी के लिए गिरफ्तार किया

‘बुल्लि बाई’ अनुप्रयोग से जुड़ी विवाद बाद, मुंबई पुलिस ने हाल ही में एक आवाज़-आधारित सामाजिक मंच पर हुई आपत्तिजनक आवाज़‑समूह वार्तालाप से जुड़े हरियाणा के तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, यह बात एक अधिकारी ने बताया।

पुलिस के अनुसार, मंच पर एक समूह चर्चा में मुस्लिम महिलाओं के प्रति अनैतिक और आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसकी सूचना मुंबई के साइबर पुलिस स्टेशन को मिली। शनिवार की देर रात, अपराध शाखा की साइबर इकाई ने गिरफ्तारियों को अंजाम दिया।

कुल मिलाकर, जांच के दौरान सामने आया कि इस वार्तालाप में विभिन्न समुदायों के पुरुष‑और‑महिला दोनों शामिल थे। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने उसी मंच के संचालनकर्ता तथा एक प्रमुख खोज कंपनी को लिखित अनुरोध भेजकर संबंधित समूह के आयोजक की पहचान एवं संवाद‑रिकॉर्ड की माँग की।

गिरफ्तारी के बाद, एक सिविल समाज संगठन ने शहर की पुलिस को मंच को निष्क्रिय करने और मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज करने का अनुरोध किया। इस पर सामाजिक दल के एक सांसद ने ट्विटर‑जारी करके पुलिस के त्वरित कदम की प्रशंसा की, “हेट की निंदा, पुलिस की तत्परता” जैसी टिप्पणी की।

अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा २७५ के तहत ऐसी आवाज़‑आधारित संवादों को आपराधिक सज़ा का आधार माना जा सकता है, परन्तु आरोप सिद्ध होने तक किसी को दण्डित करना अभी जाँच‑अवस्यकता के भीतर रहता है। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत के लिये आवेदन करने की प्रक्रिया को न्यायालय द्वारा उचित समय‑सीमा में सुलभ बनाना आवश्यक है, जिससे अभियोजन‑रक्षा के संतुलन को बनाए रखा जा सके।

वर्तमान में, मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि यदि अतिरिक्त साक्ष्य मिलते हैं तो अधिक आरोपियों को भी धरनी पर लाया जा सकता है। साथ ही, मंच के संचालनकर्ता को भी नियम‑उल्लंघन के आधार पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

Published: May 3, 2026