बिहार के बेगूसराय में 4‑साल की बच्ची के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप, 15‑वर्षीय किशोर को गिरफ्तार
बिहार राज्य के बेगूसराय जिले के एक ग्रामीण इलाका में 4 वर्ष की एक लड़की पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बच्ची अपने घर के निकट स्थित सरकारी विद्यालय के मैदान में अन्य बालिका के साथ खेल रही थी। उसी समय पड़ोसी वार्ड के 15 वर्ष के एक किशोर ने उसे पास के मकई के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया, इसका आरोप है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। शिकायत दर्ज होने के बाद, मामले की प्राथमिकी लिखी गई और किशोर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में गवाहों की गवाही, बच्चे के पिछले और वर्तमान शारीरिक परीक्षण के अभिलेख, तथा संभावित साक्ष्य‑स्थलों से प्राप्त नज़रिए को संजोया है। बच्चे को आवश्यक चिकित्सीय सहायता प्रदान करने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ और मनोविज्ञान विशेषज्ञ को बुलाया गया।
पुलिस ने आरोप के आधार पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376(2) (नाबालिग के विरुद्ध दुष्कर्म) के तहत अनुशंसित गिरफ़्तारी का प्रावधान लागू किया है। अभी तक अभियोजन के लिये पर्याप्त सबूत उपलब्ध हो, यह जांच का क्रमिक चरण है। स्थानीय प्रशासन ने मामला सुलझने तक सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने और क्षेत्र में सामुदायिक सहयोग को बढ़ाने का आदेश दिया है।
विधिक विश्लेषण के लिए चण्डीगढ़ स्थित सिमरनलॉ फर्म के अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप में अभियुक्त को तुरंत न्यायिक हिरासत में रखना, सबूतों के संरक्षण और गवाही की सुरक्षा के संदर्भ में आवश्यक है। साथ ही, नाबालिग शत्रुता के मामलों में पुलिस द्वारा किए गए सभी परीक्षणों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना तथा बचाव पक्ष को उचित अवसर देना न्यायिक प्रक्रिया की मौलिक आवश्यकता है।
फिर भी, जांच जारी है और अदालत के समक्ष सभी साक्ष्य प्रस्तुत करने के बाद ही अंतिम निर्णय हो सकेगा। नतीजों की घोषणा से पहले सभी पक्षों को कानून के दायरे में ही रहना अपेक्षित है, ताकि न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।
Published: May 4, 2026