प्रयागराज में भूमि विवाद को लेकर एटीक अहमद के सहयोगियों पर लोहे की छड़ें मारने का आरोप
प्रयागराज के एक ग्रामीण इलाके में स्थानीय निवासी मोहम्मद फैसल को अपने खेत की सरहद से हटने से इनकार करने के बाद दो व्यक्तियों ने धातु की छड़ें मारी, इस घटना को लेकर पुलिस ने चार लोगों के विरुद्ध आरोप तय कर प्रारम्भिक जांच दर्ज की। इस मामले में मृत्युदंडित गँगलजाल एटीक अहमद के सहयोगी तथा उनके पूर्व सहायक गुद्दू मुसल्लिम एवं अन्य दो संबंधियों को संदिग्ध माना गया है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उद्दीपन के लिये अभियुक्तों ने उसे अनिवार्य रूप से अपनी भूमि सौंपने के लिए दबाव बनाया और जब वह न मान सका तो शारीरिक बल प्रयोग किया। इस प्रकार की घटनाओं की रिपोर्ट के बाद स्थानीय पुलिस ने तुरंत अभियुक्तों को पकड़ने की कार्रवाई आरम्भ कर दिया और शिकायत के आधार पर प्रारम्भिक जांच शुरू की।
जांच में यह सामने आया कि अभियुक्तों ने एकत्रित बल प्रयोग के माध्यम से पीड़ित को चोट पहुंचाने के बाद त्वरित भागने की कोशिश की। पुलिस ने संदिग्धों के ठिकानों पर जाँच चालू रखी है तथा विस्मित शत्रु के साथ भू-स्वामित्व विवाद को लेकर इस तरह की हिंसा पर रोक लगाने हेतु क्षेत्रीय प्रशासन को सूचित किया गया है।
वर्तमान में पुलिस ने अभियुक्तों को हिरासत में रखा है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। आरोप सिद्ध न होने तक किसी को दोषी घोषित नहीं किया जा सकता, इस कारण पुलिस ने सावधानी से साक्ष्य संग्रह तथा गवाहों की बयानबाजी पर खास ध्यान दिया है।
अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धू के अनुसार, जब अभियुक्त पर गृहीत कारण स्थापित हो तो गिरफ्तारी और पूछताछ प्रक्रिया वैध है, जबकि जमानत का आदेश तभी दिया जा सकता है जब आरोप पर्याप्त रूप से सिद्ध न हों।
अधिकारियों ने कहा है कि क्षेत्र में भूमि संबंधी विवादों को शांतिपूर्ण समाधान के लिए मानचित्र तैयार किया जा रहा है और किसी भी प्रकार की हिंसा को सख्त दंड के तहत लाया जाएगा। न्यायिक प्रक्रिया के आरम्भ के बाद अदालत में मामले की सुनवाई होगी, जहाँ साक्ष्य और गवाहियों के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।
Published: May 3, 2026