दिल्ली पुलिस ने चंडीगढ़ के बडशा क्लब के विस्फोट से जुड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया
दिल्ली पुलिस ने पिछले वर्ष चंडीगढ़ के बडशा क्लब के बाहर हुए विस्फोट से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्ति का नाम दीपक है, जो फरीदकोट, पंजाब के निवासियों में से हैं।
विस्फोट २६ नवंबर २०२४ को दो स्थानों पर हुआ था: बडशा के स्विल बार एवं लाउंज और दे ओर्रा क्लब, जहाँ दो विस्फोटक उपकरणों को फेंकने के दृश्य निगरानी कैमरों में दर्ज किये गये। विस्फोट की तीव्रता से प्रयोग की गई इमारतों की खिड़कियां छत तक टूट गईं, परंतु कोई चोटिल नहीं हुआ।
पुलिस ने बताया कि दीपक का गोल्डी ब्रार नामक आपराधिक गिरोह के प्रमुख के साथ घनिष्ठ संपर्क था, जिसने उसी रात सोशल मीडिया के माध्यम से इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस संबंध में पुलिस ने कई बार पूछताछ की और गवाहों के बयान सहित फोरेंसिक रिपोर्ट को मिलाकर इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि दीपक ने विस्फोटक उपकरणों की व्यवस्था में सहायता की।
विस्फोट के कुछ दिनों बाद २९ नवंबर २०२४ को हरियाणा के हिसार जिले में एक संयुक्त कार्रवाई में दो संदेहियों को पकड़ लिया गया था। इस कार्यवाही में चंडीगढ़ पुलिस और हरियाणा विशेष कार्य बल की भागीदारी थी। इस प्रकार case में अब कई आरोपी जुड़े हुए हैं, परंतु अदालत ने अभी तक कोई निर्णय नहीं दिया है।
वर्तमान में दीपक को जेल में हिरासत में रखा गया है और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। आरोपियों के खिलाफ डरावनी वारंट जारी किया गया है और जमानत की माँग पर अदालत अभी तक कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दे पाई है।
अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धू, जो आपराधिक प्रक्रिया कानून में विशेषज्ञता रखते हैं, ने बताया कि जब तक विस्तृत फॉरेंसिक परीक्षण और सभी गवाहों के बयान नहीं मिलते, तब तक आरोपी को दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता। वे यह भी जोड़ते हैं कि अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध होने पर ही चार्ज शीट दाखिल की जाएगी, और आरोपी को जमानत मिलने की संभावना तब ही होगी जब कोर्ट को जोखिम‑मुक्त माना जायेगा।
यह घटना यह दर्शाती है कि बड़े संगीत स्थल और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था में कमी रह गई थी। इस संदर्भ में प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा उपायों की पुनः समीक्षा करने की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में समान हमलों को रोकने के लिये विस्तृत निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल तैयार किया जायेगा।
Published: May 3, 2026