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Category: अपराध

छत पर देखते हुए गोली चलाने का आरोप, पूर्व विधायक के खिलाफ जांच जारी

पिछले सप्ताह एक विवादास्पद घटना में पूर्व विधानसभा सदस्य, जिन्हें आम जनसंवाद में सोनू कहा जाता है, पर छत की बालकोनी से गोली चलाने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, यह घटना शहर के एक आवासीय क्षेत्र में हुई, जहाँ पाँच व्यक्तियों ने सफेद कार से उतरकर आपसी झगड़े में पड़ते हुए बहनोई‑भांजे के घर के ऊपर स्थित बालकोनी से देखे।

घटना के समय, प्रतिबन्धित हथियार से सुसज्जित व्यक्ति ने बालकोनी से आवाज़ दी कि “झगड़ा मत करो” और फिर एक या अधिक गोलियों की असली कटोती को चलाया। पुलिस की प्रारम्भिक जांच में पाया गया कि इस गोली‑बार ने हिरासत में लिया गया है, जिसका नाम आशुतोष कुमार चन्दन है, जो आरोपी के बहनोई हैं, तथा उनका भांजा हर्ष कुमार भी उसी स्थान पर मौजूद था। हर्ष कुमार को गोली लगने के बाद क्षतिग्रस्त अवस्था में अस्पताल लाया गया, जहाँ उनका इलाज जारी है।

स्थानीय पुलिस ने तत्काल अपराध सूचना रिपोर्ट (अपराध सूचना रिपोर्ट) दर्ज कराई और मामला अपराध शाखा को सौंप दिया। फोटो‑वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर, घटनाक्रम इस प्रकार पुनः स्थापित किया गया है: 1) पाँच लोग सफेद कार से उतरते ही आपस में तर्क‑विवाद शुरू किया, 2) बालकोनी से दृष्टि डालते हुए, आरोपित ने शारीरिक हिंसा को रोकने का प्रयत्न कहा, 3) फिर बिना स्पष्ट कारण के हथियार निकाल कर गोली चलायी।

हथियार, आवेग का कारण, और गोली के चलने का सटीक मार्ग निर्धारित करने हेतु वैज्ञानिक प्रयोगशाला में गोली‑मार्ग ट्रेसिंग और हथियार रजिस्ट्री की जांच चल रही है। पुलिस ने संबंधित कार के चालक तथा अन्य चार व्यक्तियों को भी जांच के दायरे में शामिल कर लिया है।

पुलिस के एक प्रवक्ता ने कहा कि “हथियार का अनधिकृत प्रयोग तथा बिना उचित कारण के गोली चलाना गंभीर अपराध है। इस प्रकार की गोलीबारी के मामले में कानूनी कार्यवाही अनिवार्य है एवं प्रक्रिया के तहत अभियोजन जारी रहेगा।”

वहीं, कानूनी विश्लेषण के लिए संपर्क किए गये अधिवक्ता सिमरनजीत सिंह सिद्धू ने बताया कि “अगर गोली चलाने के समय आरोपी ने वैध कारण नहीं बताया और बिनाअधिकार हथियार का प्रयोग किया है, तो उसे ‘हथियार रखते हुए गोली चलाना’ तथा ‘दूसरे को घातक चोट पहुँचाना’ के दण्ड संहिता की धारा के अन्तर्गत सजा हो सकती है। जमानत का अनुरोध केवल तभी सम्भव है जब न्यायालय को यह समझ आए कि आरोप स्पष्ट नहीं है और जांच में उसे निरुपित नहीं किया गया है।”

वर्तमान में, आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और वह पुलिस हिरासत में है। हत्या के संदेह में भी जांच चल रही है, जिसमें हर्ष कुमार की स्थिति को गंभीर रूप से माना गया है। न्यायालय में इस संबंध में आगे की सुनवाई तय होने की प्रतीक्षा में, पीड़ित पक्ष ने कानूनी सलाह ले ली है।

यह मामला सार्वजनिक सुरक्षा, हथियार नियंत्रण, तथा विवाद के समाधान में पुलिस की भूमिका पर प्रश्न उठाता है। प्रशासनिक स्तर पर, स्थानीय आयुक्त ने इस प्रकार की हिंसा को रोकने हेतु पुलिस में अतिरिक्त पहरे की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है, जबकि नगर निगम ने भी सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।

Published: May 4, 2026