चार राज्य में पुनः सत्ता में लौटती भारतीय जनता पार्टी
गुरुवार के चुनाव परिणामों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के चार राज्यों में फिर से सत्ता स्थापित की। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन वर्तमान में सत्रह राज्य व एक केन्द्र शासित प्रदेश पर शासन कर रहा है, जिसका क्षेत्रफल देश के लगभग 44 प्रतिशत तथा जनसंख्या का 49.5 प्रतिशत है।
गठबंधन के नियंत्रण में रहने वाले राज्य कर्नाटक, गोवा, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश हैं। अकेला केन्द्र शासित प्रदेश पुड़ुचेरी है।
2018 में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का विस्तार अधिकतम स्तर पर था, जब वह इक्कीस राज्यों पर शासन करता था और देश के 70 प्रतिशत जनसंख्या एवं 76 प्रतिशत क्षेत्रफल को कवर करता था। उसी वर्ष कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को हारने के बाद गठबंधन ने इन राज्यों में भी शासक भूमिका निभायी थी।
वर्ष 2019 में कर्नाटक में, और मार्च 2020 में मध्य प्रदेश में सत्ता में लौटते समय गठबंधन ने ज्योति आराधिया सिंधिया के दल बदलने को कारण बताया। महाराष्ट्र में परिणामों के बाद, गठबंधन का सहयोगी शिवसेना ने सरकार गठित की और भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर कर दिया।
नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका ने पार्टी एवं गठबंधन के विस्तार को गति दी। 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने कई राज्यां में कांग्रेस को हराते हुए जगह बनाई, सिवाय कुछ राज्यों जैसे बिहार, दिल्ली, पश्चिम बंगाल जहाँ स्थानीय दलों ने बहुमत बरकरार रखा। दक्षिणी राज्यों में अभी भी समान्य समर्थन नहीं मिला है।
हालांकि 2018 के बाद कुछ राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की पकड़ कमजोर हुई है, पर राष्ट्रीय स्तर पर उसका प्रभाव लगभग वैसा ही बना हुआ है। पूर्वोत्तर क्षेत्र में गठबंधन ने दृढ़ता से पद चिह्न रखे हैं, जबकि पिछले चार वर्षों में कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्य भी समय-समय पर हाथ जाने के बाद फिर से नियंत्रण में लौटे हैं।
Published: May 3, 2026