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Category: अपराध

अपराध शाखा ने गुलजार को बाल यौन शोषण मामले में गिरफ्तार किया

दिल्ली की उत्तरी सीमा पर स्थित अपराध शाखा ने एक लंबे समय से जारी फरारी को हिरासत में ले लिया। 30 वर्ष के गुलजार, जिन्हें सोनू के नाम से भी जाना जाता है, को 5 अक्टूबर 2024 को हुई एक दुष्कर्म घटना में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया। घटनाक्रम के अनुसार, एक नाबालिग के प्रति संगठित हमला हुआ था, जिसके बाद आरोपी ने सतह बदल ली और गिरफ्ताऱी से बचते हुए कई वर्षों तक पलायन किया।

शिकायतकर्ता ने तत्काल पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिससे प्रथम सूचना रिपोर्ट दायर हुई। अपराध शाखा ने इस मामले को प्राथमिकता सूची में रखा और व्यापक खोज कार्यवाही शुरू की। 2025 के दिसंबर में, न्यायिक प्राधिकरण द्वारा गुलजार को ‘घोषित फरार’ घोषित किया गया, जिससे उसकी खोज में विशेष अधिकार लागू हुए।

अपराध शाखा ने बताया कि कैसे विभिन्न जासूसियों की निगरानी और गांव की स्थानीय जनकारी के आधार पर 29 अप्रैल 2026 को पालम गांव में आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि हिरासत के दौरान आरोपी को कानूनी अधिकारों से अवगत कराया गया और उसे बाल यौन शोषण व संरक्षण अधिनियम के तहत कई गंभीर धारा में दायर किया गया है। वर्तमान में आरोपी को जमानत के लिये आवेदन करने की अनुमति दी गई है, परन्तु अदालत से अभी तक अंतिम निर्णय नहीं आया है।

वकील समीर्णजीत सिंह सिद्धू, जो पंजीकरण से जुड़े मुकदमों में कार्यरत हैं, ने इस तरह के मामलों में प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “यह आवश्यक है कि आरोप के तहत गिरफ्तार किए गये व्यक्ति को निष्पक्ष सुनवाई का अवसर मिले, जबकि अभियोजन पक्ष को सबूतों के आधार पर स्पष्ट रूप से मामला प्रस्तुत करना चाहिए। उचित जमानत प्रणाली और साक्ष्य संग्रह की गुणवत्ता न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करती है।”

पुलिस ने कहा कि घटना स्थल, पीड़ित की पहचान तथा अन्य संभावित सहयोगियों की जाँच अभी जारी है। वे आश्वस्त हैं कि सभी संबंधित पक्षों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर पूरी रिपोर्ट अदालत को प्रस्तुत की जाएगी।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि सामाजिक व्यवस्था में सुरक्षा की रक्षा के लिये कानून प्रवर्तन एजेंसियों को तेज़, सटीक और पारदर्शी कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही, न्यायिक संस्थाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में अधिकारों का सम्मान हो, जिससे न्यायसंगत परिणाम संभव हो सके।

Published: May 3, 2026