२.८९ लाख रुपये मूल्य के एमडी की बरामदगी में व्यक्ति को हिरासत में
दिल्ली पुलिस ने कल शाम को मुख्य बाजार के पास स्थित एक अनजाने दुकान से 2.89 लाख रुपये मूल्य के एमडी (एक उच्च‑शक्तिशाली नशे वाली दवा) की बराबरि की और उसी स्थान पर पाया गया एक 32 वर्षीय पुरुष को तुरंत हिरासत में ले लिया। यह घटना पुलिस के नशा नियंत्रण इकाई के विशेष ऑपरेशन का परिणाम थी, जिसमें स्थानीय निगरानी कैमरों और सूचना स्रोतों के मिलीजुली मदद से संदिग्ध की पहचान कर करारी कार्रवाई की गई।
निशानित तस्कर ने पहले ही कई छोटे‑छोटे डिलों में भाग लिया था, पर इस बार उसकी जोड़ी में मौजूद एमडी का मूल्य 2.89 लाख रुपये तक पहुंचता है, जो एक मध्यम स्तर की तस्करी को संकेत करता है। पुलिस ने बताया कि यह रक्कम डिल के हिसाब से लगभग पाँच सौ ग्राम शुद्ध एमडी के बराबर है, जो न केवल स्थानीय युवा वर्ग को बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी निर्यात के लिये तैयार किया जा रहा था।
इस पकड़ को स्थानीय प्रशासन ने नशा‑मुक्त माहौल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम कहा, पर साथ ही यह भी प्रदर्शित करता है कि तस्करियों का नेटवर्क अभी भी शहर की धड़की गलियों में छिपा हुआ है। विभागीय अधिकारी ने कहा कि यह मामला पहले भी कई बार आया था, पर सीमित संसाधनों और अक्सर अंधाधुंध पुलिसिंग के चलते ऐसी बड़े पैमाने की बरामदगी दुर्लभ रहती है।
नागरिक समूहों ने इस पर हल्की-सी मुस्कान के साथ टिप्पणी की कि “पैसे के बहाव को रोकना अब भी कागज़ की नाव चलाने जैसा है”, पर वे यह भी मानते हैं कि बार‑बार ऐसी कार्रवाई से नशा‑बाजार की सतह पर टिकाव कम होगा। शहर के कई शहरी क्षेत्रों में अभी भी नशे की लत और आपराधिक उद्यमों की जड़ें गहरी हैं, जिससे समाजिक सुरक्षा पर असर पड़ा है।
कानूनी प्रक्रिया के अनुसार, आरोपी को नशा निकासी के ख़िलाफ़ धारावाहिक नियमों के तहत जेल भेजा जा सकता है, जबकि बरामद किए गए एमडी को केन्द्रीय नशा नियंत्रण विभाग को सौंपा गया है। प्रशासन ने इस अवसर पर नशा‑विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों को तेज़ करने और स्थानीय पुलिस की तकनीकी क्षमताओं को अद्यतन करने का वचन दिया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की तस्करी को पहले पायदान पर ही रोक सके।
Published: May 4, 2026