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हमीरपुर में यमुना नदी में नौका उलटी, छह लोग लुप्त, एनडीआरएफ तुरंत कार्यवाही
हमीरपुर के उपनगर में स्थित यमुना नदी में शाम के समय एक निजी नौका उलट गई, जिससे छह व्यक्तियों की स्थिति अज्ञात रहने लगी। स्थानीय नाविकों ने घटनास्थल पर तुरंत मदद के लिये पुकारा, परंतु तेज़ धारा और अंधेरे माहौल ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया।
घटना के अलर्ट पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) को त्वरित ट्यूबिंग के साथ बुलाया गया। टीम ने पहचाने गये बिंदु पर ही जल में उतर कर तलाशी शुरू की और निकटतम पुल पर स्थित सुरक्षा कुंडों का उपयोग कर बचाव उपकरण स्थापित किए। वर्तमान में नौका के सभी सदस्य अभिगमन बिंदु पर हैं, परंतु छह व्यक्तियों की स्थिति अभी भी अज्ञात है।
स्थानीय प्रशासन ने घोषणा की कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जाँच शुरू की जाएगी। यद्यपि हल्की बाढ़ से जल स्तर में वृद्धि हुई थी, लेकिन नौका संचालन के लिए आधिकारिक अनुमति या सुरक्षा जांच की कोई रिपोर्ट नहीं मिली। इस प्रकार के आकस्मिक उपायों की कमी ने फिर से सवाल खड़े कर दिया है कि छोटे स्तर की जलमार्ग यात्रा के लिये नगर परिषद और जल प्रबंधन विभाग कितनी तैयारी रखता है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस समय के दौरान यमुना में कई अनधिकृत नाविकों द्वारा मनोरंजन के लिये नौका चलाने की प्रवृत्ति बढ़ी है, जबकि सुरक्षा उपायों की उपेक्षा स्पष्ट है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रशासन की “सुरक्षा गारंटी” को व्यंग्यात्मक टिप्पणी के साथ उठाया, परंतु वास्तविकता में प्रभावित परिवारों को केवल आधी‑घड़ी में सूचना मिलने से अधिक कुछ नहीं मिला।
आगामी दिनों में जलप्रवाह की निगरानी का आदेश जारी किया गया है, और नदी तट पर अस्थायी सुरक्षा रेखाएँ स्थापित करने का प्रस्ताव है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि जल सुरक्षा के लिये दीर्घकालिक योजना और नियमित निरीक्षणों की कमी ने इस प्रकार की दुर्घटनाओं को उत्पन्न होने दिया। एनडीआरएफ के त्वरित उत्तरदायित्व से बचाव कार्य में कुछ राहत मिली, परन्तु प्रशासनिक अभियांत्रिकी में सुधार की आवश्यकता को यह घटना पुनः उजागर करती है।
Published: May 7, 2026