हैदराबाद के युवा उद्यमी ने रक्षा प्रौद्योगिकी में नई दिशा दी
हैदराबाद के 28 वर्षीय अभिषेक सिंह ने पिछले साल अपने स्टार्ट‑अप "डिफेंस इनोवेट" की औपचारिक शुरुआत की, जिसका लक्ष्य भारतीय रक्षा उद्योग में स्वदेशी तकनीक को तेज़ी से लाना है। इस उद्यम के प्रमुख दो‑त्रि‑वर्षीय अनुबंध भारतीय सेना और रक्षा उत्पादन निगम (DRDO) के साथ पहले ही संपन्न हो चुके हैं, जिससे शहर की तकनीकी इकोसिस्टम पर सकारात्मक प्रवाह आया है।
नगर निगम ने इस कदम को शहर की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखते हुए, 5 अरब रुपये के मूल्यांकन वाले प्रोजेक्ट क्षेत्रों में भूमि आवंटन प्रक्रिया को तेज़ किया। हालांकि, बुनियादी सुविधाओं की कमी—जैसे नियमित बिजली आपूर्ति और जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था—उद्यमियों के लिए एक सतत समस्या बनी हुई है। कई बार अचानक पावर कट के कारण परीक्षण उपकरण बंद हो जाते हैं, जिससे समय‑सीमा में देरी होती है और प्रोजेक्ट लागत में अप्रत्याशित वृद्धि होती है।
स्थानीय प्रशासन ने इस समस्या को हल करने का आश्वासन दिया, परंतु पिछले दो वर्षों में निगम के प्रमुख अधिकारी बदलते रहे हैं, जिससे निरंतरता की कमी स्पष्ट होती है। यह बात हल्की व्यंग्य के साथ कहा जा सकता है कि “न्यायपालिका बदलती है, लेकिन पावर ग्रिड की अस्थिरता अभी भी वही पुरानी है।”
सार्वजनिक प्रभाव को देखते हुए, "डिफेंस इनोवेट" ने पहले साल में 150 से अधिक स्थानीय कुशल कर्मचारियों को नियुक्त किया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर विकास और प्रोटोटाइप निर्माण के विशेषज्ञ शामिल हैं। इससे शहरी बेरोज़गारी में हल्का गिरावट आई है, विशेषकर इंजीनियरिंग स्नातकों के बीच। फिर भी, स्टार्ट‑अप के विस्तार के लिए अधिक कार्यालय एवं प्रयोगशालाओं की आवश्यकता है, जिसके लिए शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में नई इन्फ़्रा निवेश पर बहस जारी है।
समीक्षकों का कहना है कि रक्षा‑टेक जैसी उच्च‑स्तरीय उद्योग में सफलतापूर्ण प्रवेश के लिए केवल भूमि आवंटन पर्याप्त नहीं; जल‑विद्युत, लॉजिस्टिक सपोर्ट और तेज़ अनुमति प्रक्रिया को भी संगठित करना आवश्यक है। शहर की प्रबंधन टीम अभी भी “कुशल नौकरियों को आकर्षित करने” के घोषणापत्र को व्यावहारिक कदमों में बदलने के चरण में है।
भविष्य में अभिषेक सिंह की उद्यमशील यात्रा को देखते हुए, यदि नगरपालिका इन बुनियादी बाधाओं को संबोधित कर सके तो हैदराबाद को “इंडिया का सिलिकॉन वैली‑ऑफ़‑डिफेंस” का खिताब मिलने की संभावनाएँ अधिक स्पष्ट हो जाएँगी।
Published: May 5, 2026