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हाई कोर्ट ने माला झील के पीआईएल को विस्तारित किया, मंडोवी में कसिनो के आसपास जल अध्ययन का आदेश
गोवा हाई कोर्ट ने माला झील के संबंध में दायर सार्वजनिक‑हित याचिका (पीआईएल) को विस्तारित कर, मंडोवी नदी के किनारे स्थित कसिनो क्षेत्रों के जल की व्यापक जाँच करने का निर्देश जारी किया। इस न्यायिक कदम से पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय प्रशासन और पर्यटन‑उद्योग के बीच लंबी अवधि से चल रहे टकराव को सटीक आँकड़े के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया गया है।
कमीशन को पहले माला झील में जल‑स्रोतों के गिरावट, गैर‑संरचनात्मक ठेकों और अनियंत्रित निर्माण के प्रभावों का मूल्यांकन करने का काम सौँपा गया था। कोर्ट ने कहा कि केस के दायरे को केवल झील तक सीमित रखना समस्या का समाधान नहीं करेगा, क्योंकि मंडोवी नदी के किनारे स्थित कई लक्ज़री कसिनो भी जल‑प्रदूषण के प्रमुख स्रोत बन चुके हैं। अब जल विज्ञानियों, पर्यावरण शोधकर्ताओं और राज्य जल संसाधन विभाग को मिलकर एक संयुक्त रिपोर्ट तैयार करनी होगी, जिसमें जल‑गुणवत्ता, प्रदूषक स्तर, और भविष्य में सुधारात्मक उपायों की रूपरेखा शामिल होगी।
राज्य सरकार, पर्यटन विभाग और मिस्त्री (स्थानीय नगरपालिका) को इस आदेश के तहत तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करना अनिवार्य किया गया है। प्रशासनिक पक्ष ने कहा कि वे पहले ही जल‑पर्यवेक्षण उपकरण स्थापित कर चुके हैं, परन्तु इनकी कार्यक्षमता को कसिनो परिसर में विस्तारित करने की आवश्यकता को अनदेखा नहीं किया जा सकता। अधिकारियों ने यह भी सूचित किया कि रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर जल‑शोधन, अवशिष्ट कचरे की पुन:प्रसंस्करण और नदी तट की पुनर्स्थापना हेतु विशेष योजना तैयार की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों और मछुआरों ने इस कदम का स्वागत किया, परन्तु उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के आदेश का वास्तविक प्रभाव तभी देखेगा जब नियामकों के पास पर्याप्त शक्ति और समयसीमा हो। ‘जमीनी स्तर पर निगरानी की कमी और अनियमित जूनून वाले पर्यटक‑स्थल ही जल‑प्रदूषण के मूल कारण हैं’, एक मछुआरा अभिव्यक्त करते हुए कहा। इस बीच, कसिनो ऑपरेटरों ने संकेत दिया कि वे पर्यावरणीय नियमों का पालन करेंगे, परन्तु वह संकल्प अब तक केवल कागजी तौर पर ही बना है।
समग्र रूप में, हाई कोर्ट का यह विस्तारित आदेश न्यायिक जाँच को पर्यावरण‑सुरक्षा और आर्थिक‑विकास के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक आवश्यक कदम बनाता है। आगामी जल‑अध्ययन रिपोर्ट न केवल माला झील की सुदृढ़ता को संकेत देगा, बल्कि मंडोवी के कसिनो‑परिधि में जल‑प्रबंधन नीतियों की दीर्घकालिक प्रभावशीलता का भी परीक्षण करेगी।
Published: May 7, 2026