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Category: शहर

सरकारी अमा बस से टकराव में साइकिल चालक की मौत, नगर प्रशासन पर सवाल

शहर के प्रमुख मार्ग पर शाम के समय चल रही सरकारी अमा बस ने एक साइकिल चालक से आपराधिक टक्कर कर दिया, जिससे वह तुरंत ही अपरिचर्य रोगी बन गया। एम्बुलेंस के आगमन में देर, अस्पताल तक पहुँचने में अतिरिक्त समय और अंत में हुई मृत्यु, स्थानीय जनता को गहरी निराशा में डाल रही है।

घटना के अनुसार, दुर्घटना के समय बस तेज़ी से चल रही थी जबकि साइकिल चालक ने नियमानुसार बाएँ लेन में यात्रा कर रहा था। आरक्षित दोपहिया लेन की अनुपस्थिति और सड़कों पर स्पष्ट विभाजन की कमी, इस प्रकार के टकराव की स्थिति को बनाये रखने में मुख्य कारण बन रही है। बस चालक के बयान में कहा गया कि वह ट्रैफ़िक में दबाव और समय बंधन के कारण गति नहीं घटा सका, पर यह व्याख्या प्रशासन की अकार्यक्षमता को छिपाने की कोशिश नहीं तो नहीं?

घटना के बाद नगर निगम के प्रवक्ता ने कहा कि इस प्रकार की अनैतिक घटनाओं में “सभी पक्षों से सहयोग मांगा जाएगा” और “जांच चल रही है”। ऐसे शब्दों में अक्सर गुनगुनी हुई हुई फ्रीजिंग सीक्रेटरीज़ की तरह झंझट छिपी रहती है। परिवार ने तुरंत न्याय मिलने की माँग की है, जबकि प्रशासन की प्रतिक्रिया से लग रहा है कि यह मामला ‘स्थानीय समाचार’ में ही सीमित रहेगा।

स्थानीय नागरिक संगठनों ने अनुरोध किया है कि दोपहिया सवारों के लिए विशिष्ट लेन बनायी जाए, सार्वजनिक परिवहन के चालक प्रशिक्षण को सख्त किया जाए, और दुर्घटना के बाद त्वरित एम्बुलेंस उपलब्ध कराई जाए। इस बीच शहर में पिछले दो वर्षों में समान टकराव की शिकायतें तीन से अधिक दर्ज हो चुकी हैं, पर कोई ठोस सुधार कार्यवाही नहीं देखी गई।

समाप्ति के निकट यह स्पष्ट हो जाता है कि बसों की “सार्वजनिक सेवा” का परिधान अक्सर प्रशासनिक आरक्षण की चादर में लिपटा रहता है, जबकि वास्तविक सेवा नागरिकों की सुरक्षा के रूप में नहीं, बल्कि आकस्मिक “तीखे” किरदारों के रूप में प्रकट होती है।

Published: May 3, 2026