समुद्र किनारे के शैक्स के उप‑भाड़े से मालिकों को हो रहा आर्थिक नुकसान
ओडिशा के पुरिया में समुद्र तट के किनारे स्थित शैक्स के मालिकों ने उनकी संपत्ति को उप‑भाड़े पर दे कर संचालित करने वाले अज्ञात किरायेदारों को लेकर गंभीर आर्थिक नुकसान की शिकायत दर्ज करवाई है। उनका कहना है कि इस अनियमित प्रथा ने न केवल उनका स्थायी किराया घटाया बल्कि ग्राहक सेवा की गुणवत्ता में गिरावट, स्वच्छता के मानकों का अभाव और अतिप्रवेश से पर्यटकों के अनुभव को भी क्षति पहुंचाई है।
स्थानीय नगरपालिका ने मौखिक तौर पर इस समस्या को मान्यता दी, पर लागू आदेशों में ढील के कारण उप‑भाड़े वाले शैक्स अभी भी संचालन में बने हुए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा नगर विकास नियमन में शैक्स को उप‑भाड़े के लिये स्पष्ट प्रावधान नहीं है, जिससे नियंत्रण पर अड़चन आती है। इस असमानता को देखते हुए कुछ सदस्यों ने शैक्स की सूची को अपडेट करने और उचित लाइसेंसिंग प्रक्रिया लागू करने की मांग की है, पर अंत तक टिका‑टिका ताकि निवासियों को नौवहन में मदद मिले।
शैक्स मालिकों का कहना है कि उनके लिये यह असुविधा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी है। उप‑भाड़े पर ली गई शैक्स अक्सर स्थानीय नियमों के अनुसार भोजन सुरक्षा मानकों को नहीं मानती, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। साथ ही, अनधिकृत किरायेदारों द्वारा अत्यधिक भीड़भाड़ से सुरक्षा उपकरणों की कमी और आपातकालीन निकास मार्गों पर बाधा बनती है।
संदेह के साथ कहा जा रहा है कि नगर निगम के अभिभावकों ने "नवीनतम आय के साधन" की घोषणा के बाद ही इस मुद्दे पर कार्रवाई शुरू की, जिससे व्यापारियों को आधी राह में ठोकर लगती दिखती है। इस बीच, संभावित उपायों में शैक्स के मौजूदा मालिकों को प्रथम प्राथमिकता देना, उप‑भाड़े के लिये स्पष्ट परवानगी प्रक्रिया बनाना और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से अनधिकृत किरायेदारों की पहचान करना शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, पुरी नगर निगम ने अगले महीने में एक विशेष टास्क‑फ़ोर्स स्थापित करने और आरोपों की जांच के साथ जुर्माने का प्रस्ताव देने का इरादा जताया है। यदि इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो शैक्स के परिदृश्य में व्यवधान जारी रहेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गंभीर असर झेलना पड़ेगा।
Published: May 3, 2026