विज्ञापन
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय, चंडीगढ़ में वकील की आवश्यकता है?
आपराधिक मुकदमों, जमानत, गिरफ्तारी, एफआईआर, जांच और उच्च न्यायालयी कार्यवाही से जुड़े कानूनी मार्गदर्शन के लिए यहां क्लिक करें।
सोहना रोड पर फुटब्रीज का काम मौन—एक साल बाद भी सिर्फ नींव पर ठहराव
गुड़गांव‑सोहना रोड पर चल रहे फुटब्रीज परियोजना को सुरक्षा के बहाने शुरू किया गया था, परन्तु एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी निर्माण केवल नींव स्तर पर ही रुका हुआ है। नगर निगम ने 2025 की शुरुआत में इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसका उद्देश्य तेज़ी से चलती ट्रैफ़िक के बीच पैदल यात्रियों को सुरक्षित क्रॉसिंग देना था। आज तक कोई भी अवांछित ढाँचा नहीं उभरा है, केवल कंक्रीट की गड्ढे जैसी नींवें ही दिखाई देती हैं।
स्थानीय व्यापारी और दैनिक यात्रियों के लिए इस विलंब का असर दोहरी तरह का है। फुटब्रीज के बिना लोग रोड के दोनों किनारों पर बिखरे हुए स्टॉल और छोटे-छोटे व्यावसायिक इकाइयों को पार करने के लिये हीँ‑बाँध के साइड में भीड़‑भाड़ का सामना कर रहे हैं। धूप‑छाया, धुंध, और तेज़ गति से चलने वाले वाहन उन्हें अक्सर “वैकल्पिक” बनाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की खतरे में वृद्धि हुई है। कई वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों ने यह बताया कि भीड़भाड़ वाले प्रतीक्षा क्षेत्रों में ग्राहक कम हो रहे हैं, जिससे दैनिक आय में उल्लेखनीय कमी आई है।
परियोजना के प्रमुख ठेकेदार की ओर से कई बार “संकल्प” और “तकनीकी चुनौतियों” का हवाला देते हुए कार्य में देरी का औचित्य प्रस्तुत किया गया, परन्तु नगर प्रशासन ने भी इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कई बार होने वाली “जांच‑प्रक्रिया” और “अनुमोदन‑पुनः‑जाँच” के चक्र ने मूल योजना को धुंधला कर दिया है। इस प्रकार के ब्यूरोकैटिक अड़चनें अक्सर नागरिक सुविधाओं के विकास को स्थिर कर देती हैं, जबकि बजट आवंटन और सार्वजनिक धन के व्यय को बिना परिणाम के ही बना रखती हैं।
स्थानीय निवासियों ने सोशल‑मीडिया पर इस “भू-परिकल्पना” पर व्यंग्य किया है, पर यह लेख उन अनजाने तथ्यों को उजागर करता है कि कैसे प्रशासनिक लापरवाही और अनुचित अनुबंध प्रबंधन ने साधारण यात्रियों के जीवन को कठिन बना दिया। हाल के सर्वेक्षण में बताया गया कि 68% उत्तरदाताओं ने कहा कि फुटब्रीज के बिना वे दैनिक यात्रा में अतिरिक्त 12‑15 मिनट का समय और संभावित दुर्घटना जोखिम को नहीं झेलना चाहते।
यदि नगर निगम इस परियोजना को शीघ्रता से आगे बढ़ाने के लिए ठोस कार्य‑योजना, स्पष्ट समय‑सीमा और जवाबदेही‑प्रणाली नहीं अपनाता, तो यह स्नातक‑से‑सूट‑हेड के “वचन‑भी‑भ्रम” के समान बन जाएगा: केवल कंक्रीट की नींव पर खड़ा, पर वास्तविक पुल नहीं। तब तक स्थानीय समुदाय को ही अपने ही कदमों पर भरोसा करके, व्यावसायिक घाटे को संभालना पड़ेगा।
Published: May 7, 2026