सूरत के सूचना स्रोत ने दिल्ली में नेयेट‑यूजी धोखाधड़ी जाल को तोड़ा
दिल्ली पुलिस ने आज सुबह नेयेट‑यूजी (अंडर‑ग्रेजुएट) परीक्षा में चल रहे बड़े पैमाने के धोखाधड़ी रिंग को तोड़ते हुए कई अवैध साधनों से जुड़े लोगों को गिरफ़्तार किया। इस मोर्चे पर मुख्य भुमिका निभाई एक सूरत के निवासी, जो अपनी जानकारी को अनाम रख कर पुलिस को साक्ष्य प्रदान कर चुका था।
जाँच के क्रम में पता चला कि यह जाल छात्रों को प्री‑ऑर्डर पेपर, नकली एडिनएबेल्स और उत्तर कुंजी आपूर्ति करके राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा में अनुचित लाभ दिला रहा था। दिल्ली यूनिवर्सिटी के क़रीबी परीक्षा हॉल में इन उपायों को लागू करने के लिये विस्तृत नेटवर्क तैयार किया गया था, जिसमें मध्यस्थ, तकनीकी सप्लायर्स और कई छात्र सहयोगी शामिल थे।
पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर 24 घंटे के भीतर ही एक सुनियोजित कार्रवाई अंजाम दी। दो खोज हमेशा, कई कंप्यूटर लैब और दोनों शहरों में लुके हुए ऑफिसों से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डेटा, नकली प्रॉम्प्ट शीट्स और टैंकिंग उपकरण जप्त किए गए। संख्यात्मक रूप से, 12 संभावित संदेहियों को कब्जा किया गया और 8 प्रमुख पकड़ने के बाद उनसे विस्तृत बयान प्राप्त किए जा रहे हैं।
दिल्ली पुलिस के कमांडर ने बताया कि ऐसी जाँच में स्थानीय सूचना स्रोतों की महत्ता अक्सर नज़रअंदाज़ की जाती है, परन्तु इस मामले में सूरत के इस सहयोगी ने “अनुपलब्धियों को उजागर करने में निर्णायक योगदान” दिया। उन्होंने आगे कहा, “हमारी प्रणाली में सुरक्षा जाँचें सख़्त हैं, फिर भी यह दिखाता है कि परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी प्रवीणता और मानव चालन दोनों में खामियाँ हैं।”
भर्ती की तैयारी कर रहे छात्रों ने इस खबर पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कीं। कुछ ने बताया कि यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने में मदद करेगा, जबकि अन्य ने कहा कि ऐसी दुष्ट संधियों को रोकने के लिये पहले से ही “परीक्षा‑हॉल में ‘डिजिटल जासूस’ का होना चाहिए” की आवश्यकता है।
पर्यवेक्षण निकायों को अब इस बात का उत्तर देना होगा कि नेयेट‑यूजी जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षा में ऐसी जालबाजी के लिए कौन जिम्मेदार होगा, तथा भविष्य में ऐसी चोरी‑छिपे प्रक्रियाओं को रोकने के लिये किस तरहके कड़े नियम लागू किए जा सकते हैं। इस बीच, सूरत के उस अनाम सहयोगी को पुलिस ने प्रशंसा पत्र जारी किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि स्थानीय नागरिकों की पहल कभी‑कभी बड़े राष्ट्रीय मुद्दों को उजागर करने में निर्णायक सिद्ध होती है।
Published: May 5, 2026