सोरखा खेल मैदान का नवीनीकरण, ट्रैक जोड़ने की मंज़ूरी
जिला खेल विभाग ने आज सोरखा गांव के खेल मैदान को आधुनिकीकरण करने का प्रस्ताव अनुमोदित किया, जिसमें 400 मीटर का सिंथेटिक रनिंग ट्रैक और कुश्ती पिट के लिए नई सुविधा शामिल है। यह कदम स्थानिक दर्शकों और युवा एथलीटों के लंबे समय से चल रहे प्रदर्शन‑प्रेरित अनुरोध पर उठाया गया।
सोरखा के ग्रामीणों ने पिछले पाँच वर्षों में कई बार इस बिंदु को उठाया था, जबकि पहले की योजना केवल बुनियादी मरम्मत तक सीमित रही थी। कई बार घोषित हुई पूँजी की रिलीज़ में अनावश्यक देरी और कागजी कार्यवाही ने लोगों को निराश किया, परन्तु अब शहरी परिषद के प्रमुख ने इस वादे को ‘संभव’ शब्दों में बदला।
नवीनीकरण हेतु अनुमानित बजट 2.5 करोड़ रुपये तय किया गया है। योजनाबद्ध कार्यों में मौजूदा मैदान की समतलीकरण, नई ड्रेनेज प्रणाली, प्रकाश व्यवस्था, दर्शकों के लिए छायादार बैठने की व्यवस्था और विशेष रूप से 400 मीटर का सॉलिड ट्रैक बनाना शामिल है। साथ ही, युवा कुश्तीकारों के प्रशिक्षण हेतु मानक पिट स्थापित किया जाएगा।
परियोजना के कार्यान्वयन के लिए सार्वजनिक‑प्राइवेट साझेदारी मॉडल को अपनाया गया है। जिला खेल बोर्ड, ग्राम पंचायत, तथा राज्य युवा कल्याण मंत्रालय ने मिलकर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें अनुबंधित ठेकेदार को नौ महीने के भीतर काम पूरा करने का आदेश दिया गया है। निगरानी के लिए एक संयुक्त समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता जिला खेल अधिकारी करेंगे, जबकि स्थानीय सांसद और सरपंच को सौंपा गया है कि वे समय‑समय पर प्रगति का आकलन करें।
स्थानीय युवाओं के लिए यह विकास एक नई उड़ान का वादा करता है—बिना ट्रैक के फुटपाथ पर दौड़ते थे, अब असली ट्रैक पर छर-छर कर दौड़ सकेंगे। फिर भी यह सवाल शेष है कि इस सुनहरी चमक के बाद रख‑रखाव का खर्च कौन उठाएगा, क्योंकि अक्सर ऐसे प्रोजेक्ट्स के बाद धूल में मिला ट्रैक ही रह जाता है। प्रशासन की यह अनुष्ठानिक गति नई आशा देती है, पर वास्तविक साक्षी बनने को क्रमिक निरीक्षण और जवाबदेही की जरूरत है।
Published: May 4, 2026