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सिर्फ़ चांदी नहीं, सुरक्षा भी कट गई: 75 वर्षीय की पैरों की कटौती पर पुलिस की सुस्ती पर सवाल

मध्य प्रदेश के रोहिणी नगर में एक अत्यंत दहशत भरा अपराध हुआ, जिसमें 75 वर्षीया महिला के दोनों पैर चांदी के पायल (पायल) चुराने के लिये काटे गये। पीड़ित को गभिरा अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहाँ डॉक्टरों ने अत्यंत आपातकालीन जटिलता का सामना किया।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने दो दिन के भीतर कई अनाम शंकास्पद व्यक्तियों की गुप्त जाँच शुरू की, परंतु प्रारम्भिक रिपोर्टिंग में तथ्यात्मक विवरणों की कमी और सुनवाई में अनावश्यक देरी देखी गयी। पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधीक्षक ने कहा, “कमीने के काम को रोकने के लिये हम सभी संभव कदम उठा रहे हैं”, परंतु शहर के नागरिकों के बीच इस आश्वासन को कटु व्यंग्य के साथ ग्रहण किया गया।

राष्ट्रपती नगर परिषद (एनजीसी) ने भी इस घटना पर सार्वजनिक रूप से “शहर की सुरक्षा प्रणाली में खामियों को त्वरित रूप से दूर करने” का वचन दिया। परंतु पिछले कुछ महीनों में सड़कों पर असुरक्षित प्रकाश व्यवस्था, खुले में कचरें और अति पीड़ित वरिष्ठ नागरिकों के लिए अनुचित पोषण सुविधाओं की लगातार शिकायतें इस वादे के सामने निरर्थक प्रतीत होती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी हिंसक कार्यवाही में केवल आपराधिक तत्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक बहुपदों की उपेक्षा भी योगदान देती है। “शहरी व्यवस्था को एकत्रित करने के लिये पुलिस को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि वो उसी गति से शहर की बुनियादी सुविधाएँ नहीं सुधार पाते, तो अपराध की गली में शौक़ीन लोग आसानी से कदम रख देंगे”, एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा।

वर्तमान में मामले की जांच में दो संदेहजनक व्यक्तियों को गिला-शुरु तय कर अटकाया गया है, परंतु उनके साथ कोई ठोस सबूत नहीं जुड़ा है। पुलिस ने सार्वजनिक सहयोग के लिये एक हॉटलाइन जारी करने की घोषणा की है, लेकिन समान मामलों में अब तक उस हॉटलाइन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाया गया था।

इस दुखद घटना ने वरिष्ठ नागरिकों के बीच भय को बढ़ाकर रख दिया है, और यह सुझाव देता है कि केवल ट्रैफ़िक सुधार या कचरा प्रबंधन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा बुनियादी ढाँचे को भी प्राथमिकता देनी होगी। शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को इस अनिवार्य प्रश्न का उत्तर देना होगा: “सिर्फ़ चांदी के पायल नहीं, बल्कि हमारे बुजुर्गों की सुरक्षा भी क्यों कटी हुई है?”

Published: May 6, 2026