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सुनत्रा पवार 2029 के विधानसभा चुनावों में सीएम के प्रमुख दावेदार, जय ने कहा

राजनीतिक दल के वरिष्ठ प्रबंधक जय ने आज कहे कि पार्टी की अगली रणनीति में सुनत्रा पवार को 2029 के विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री (मुख्यमंत्री) के मुख्य चेहरा बनाया गया है। यह कथन राजधानी के कई राजनीतिक विश्लेषकों को हैरान कर गया, जबकि पवार ने अभी तक इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

पवार, जो पिछले दो विधान सभा अवधियों में शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालती रही हैं, अब सत्ता‑संकल्प में एक नए मोड़ की प्रतीक्षा कर रही हैं। उनके पक्ष में यह तर्क दिया जा रहा है कि उनके कार्यकाल में ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं में 12% सुधार और शहरी शिक्षा में 8% की वृद्धि हुई, जो कई विरोधियों को भी मान्य लगती है।

दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने इस विकास को ‘सिंधु’ कहते हुए उजागर किया कि अगर पवार को मुख्य चेहरा बनाया गया तो प्रदेश में आधी‑सतही प्रतिनिधित्व की संभावनाएँ बढ़ेंगी। उन्होंने स्थानीय निकायों के बजट‑वितरण में असमानता और शहरी‑ग्रामीण अंतर को भी प्रमुख मुद्दा बनाया।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से देखें तो मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में पवार की उभरती भूमिका प्रोजेक्टेड इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं, जैसे कि नयी बायो‑मेट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और जलसंरक्षण कार्यक्रम, पर असर डाल सकती है। यदि वह अगले साल के लिए सरकार का हिस्सा बनती हैं तो इन महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्टों में तेज़ी या देरी दोनों ही संभावित हैं, जो नागरिकों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी को सीधे प्रभावित करेगी।

नागरिक समूहों ने इस टिप्पणी पर हल्का‑सफ़ेद स्वर में पूछताछ की है: "पावरहाउस की इस घोषणा के पीछे क्या वास्तविक नीति‑दृष्टिकोण है, या यह केवल वोट‑बॉलिंग का एक नया चरण है?" कई शहरी व अधिकार-ग्रासर ने कहा कि विकास के साख को देखते हुए उन्हें यह देखना है कि आगामी चुनाव में पवार किस तरह से ठोस कार्य‑योजना पेश करती हैं, न कि केवल नामे के लिए।

इस बीच, पार्टी ने अभी तक पवार को आधिकारिक रूप से नामित नहीं किया है और अंतिम निर्णय 2028 के आधे साल में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में लिया जाएगा। इस बीच, राजनीतिक समीक्षकों ने आशा जताई कि इस घोषणा से राज्य में अनावश्यक व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा की जगह नीति‑मूलक नेतृत्व की नई हवा चल पड़ेगी।

Published: May 8, 2026