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Category: शहर

सेक्टर 75‑79 में बेतरतीब गाय‑भैंसों ने सड़क दुर्घटना को बना दिया खतरा

गुरुग्राम के 10X बेल्ट के सेक्टर 75‑79 में कल दोपहर, एक स्कूटर चालक को बेतरतीब ढंग से सड़क के किनारे खड़ी गाय‑भैंसों ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद स्कूटर टेकऑफ़ पर फिसलते हुए गिरा और उसी सड़की पर गुजरते एक निजी कार ने उसे धक्का मार दिया। पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह एकल घटना नहीं है। पिछले कई महीनों से ही इस इलाके में गाय‑भैंसों की अनियंत्रित संख्या ने ट्रैफिक नियंत्रण को जटिल बना दिया है। कई साक्षात्कार में मौखिक रूप से दर्ज शिकायतें बताती हैं कि गाने‑भैंसें न केवल सड़कों को बाधित करती हैं, बल्कि उनके कारण तेज़ी से चलने वाले दोपहिया वाहनों को अचानक रोकना पड़ता है, जिससे ब्रेक लगने पर नाटकीय दुर्घटनाएँ हो रही हैं।

शहर निकाय ने इस समस्या को ‘पशु‑परिचालन’ के तहत वर्गीकृत किया है और अतीत में कई बार ‘पशु‑स्वच्छता योजना’ का उल्लेख किया गया है। परंतु सख़्त अनुपालन की कमी और अनपेक्षित वित्तीय आवंटन की वजह से निर्धारित पिंजरे और पिडियात्रियों की निर्माण कार्य में ठहराव का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच, स्थानीय पुलिस विभाग ने कहा है कि उन्होंने कई बार ‘लेन‑ड्रॉप’ ऑपरेशन चलाया, परंतु बिना सहयोगी पशु‑नियंत्रण इकाई के प्रयास ठेहा रह जाता है।

निवासियों ने यह भी बताया कि 10X परियोजना के ‘X’ का अर्थ अब सिर्फ एक्स्ट्रा विकास नहीं रहा, बल्कि ‘एक्स‑पैलेन’ (उपजाने वाली) गाय‑भैंसों से निपटने के लिए अतिरिक्त योजना की आवश्यकता बन गया है। कई ब्लॉग और सोशल-मीडिया पोस्ट्स में यह भी कहा गया कि यदि नगर निगम ने अभी भी बैंजोर (बीफ़) को सड़कों पर ‘नि:शुल्क पार्किंग’ के रूप में मान्य किया, तो यह नगरपालिका नीति की सबसे बड़ी ‘बौद्धिक गलती’ है।

प्रशासनिक कार्रवाई के रूप में, नगर निगम ने अगले दो हफ्तों में 5 किलॉमीटर के खंड पर विशेष ‘पशु‑सुरक्षा’ पिन बनाए जाने की घोषणा की है। लेकिन इस घोषणा को लेकर नागरिकों में शंका बनी हुई है, क्योंकि पिछले ऐसी घोषणाओं के बाद वास्तविक कार्यान्वयन में अक्सर ‘भवनाधीन’ या ‘कमीशनर के निर्देशों का इंतज़ार’ जैसा विलंब रहा है।

जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, सड़क यात्रियों को स्वयं सतर्क रहने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी जा रही है। इस संकट पर ‘सिविल सोसाइटी’ ने तत्काल ‘पशु‑नियंत्रण बोर्ड’ की स्थापना की मांग की है, जिससे गायी‑भैंसों को व्यवस्थित रूप से पंजीकृत करके प्रतिबंधित क्षेत्रों से हटाया जा सके।

एकत्रित डेटा से स्पष्ट है कि बगैर प्रबंधन के बेजान पशु‑संख्या का विस्तार न केवल यात्रियों के जीवन को जोखिम में डाल रहा है, बल्कि शहर के विकासात्मक ‘10X’ लक्ष्य को भी उलाएगा। प्रभावी प्रशासनिक ढांचा, समय पर फंडिंग, और सतत निगरानी के बिना इस समस्या का समाधान नज़दीकी भविष्य में सम्भव नहीं लग रहा।

Published: May 6, 2026