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Category: शहर

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शहर में ट्रैफिक कुर्ब हटाने से ट्रेन यात्रियों पर पड़ा दुष्प्रभाव

जिला नगर निगम ने शहर के मुख्य महामार्गों पर गति घटाने के उद्देश्य से विस्तृत ट्रैफिक कुर्ब (रॉड्ड कर्ब) स्थापित किए। योजना के अनुसार ये कुर्ब वाहन चालकों को धीमा करने और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेंगे। किन्तु, इसका वास्तविक प्रभाव न केवल मोटर चालकों पर, बल्कि रेलवे प्रवासियों पर भी गहरा पड़ा।

पिछले सप्ताह, अर्द्धसर्कुलर रोड के निकट स्थित रेलवे ओवरब्रिज के नीचे कुर्ब के गलत अभिविन्यास के कारण दो मालगाड़ी के डब्बे रुकते‑रुकते ट्रैक से बाहर निकले। इससे दो यात्रियों को हल्की चोटें आईं और कई यात्रियों ने अपने सामान को जमीन पर बिखरा पाया। तत्काल पुलिस ने मौके का सर्वेक्षण किया, जबकि रेलवे क्षेत्र के इंचार्ज ने घटना को ‘अपरिचित मोड़’ के रूप में दर्ज किया।

स्थानीय जनता ने इस विकासात्मक ‘सुविधा’ पर बड़ा सवाल उठाया। सोशल मीडिया पर कई स्नैपशॉट्स और वीडियो वायरल हुए, जिसमें कुर्ब के नीचे से गुजरते ट्रेनों के झटके दिखाए गए। जल्द‑बाज नागरिकों को अब न केवल ट्रैफ़िक जाम का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि असामान्य ट्रेन‑ट्रैक समन्वय के कारण यात्रा में देरी और शारीरिक असुविधा भी झेलनी पड़ रही है।

नगर निगम के आयुक्त ने बताया कि कुर्ब की स्थापना ‘वैज्ञानिक ट्रैफ़िक मॉडल’ के तहत की गई थी, पर तकनीकी त्रुटियों की वजह से पूर्वनिर्धारित मानकों से विचलन हुआ। उन्होंने तुरंत प्रदान किया गया एक आपातकालीन जाँच‑समिति का गठन किया और निर्माण ठेकेदार को कार्यस्थल से हटाने का आदेश दिया। साथ ही, रेलवे विभाग के साथ मिलकर प्रभावित ट्रैक की पुनः जाँच और आवश्यक मरम्मत का कार्य करने का वादा किया गया।

पुलिस ने संभावित दायित्वों की स्वीकृति के लिए एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें कुर्ब की असुरक्षित स्थितियों को ‘सड़क एवं रेल सुरक्षा नियमों के उल्लंघन’ के रूप में दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने घायल यात्रियों को मुफ्त चिकित्सीय देखभाल प्रदान करने का निर्देश जारी किया है, जबकि नगरपालिका ने प्रभावित यात्रियों को तत्काल राहत राशि और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिये ‘सुरक्षा मानकों के पुनरावलोकन’ की योजना बनाई है।

इस घटना ने नगर नियोजन में ‘संकुचित दृष्टिकोण’ की चेतावनी दोहराई है—एक ओर ट्रैफ़िक को नियंत्रित करना, तो दूसरी ओर रेल संचालन की निरंतरता बनाए रखने की जरूरत। शहर के विकास में सहजता की जगह ‘जागरूकता’ को प्राथमिकता देना अब अनिवार्य लग रहा है, नहीं तो कुर्ब के नीचे छिपी ‘अनजानी चोट’ फिर से दोहराई नहीं जा सकती।

Published: May 8, 2026