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शहर की गर्मी‑लहर की तैयारी पर लापरवाही का आरोप, सरकार ‘मिसिंग इन एक्शन’

जैसे ही भारतीय मौसम विभाग ने अगले हफ्ते अधिकतम 48 °C तक तापमान की चेतावनी जारी की, नगर निगम ने औपचारिक तौर पर गर्मी‑लहर के लिये तैयारियों की कमी को लेकर ‘गंभीर असंतोष’ जताया। मुख्य कारणों में नल‑जल के टँके, शीतलता केंद्रों की अनुपलब्धता, और मौसम‑सम्बंधी कार्डियो‑सुरक्षा उपायों का न होना प्रमुख बताया गया।

नगर प्रमुख सहराबादी ने स्थानीय समाचार एजेंसियों को बताया कि पिछले दो महीनों में जल‑संग्रहण टँके शुष्क हो चुके हैं, जबकि शीतलता शेल्टरों के लिए नवनिर्मित प्री‑फ़ैब्रिकेटेड संरचनाओं की भी योजना अभी अनुमोदन के इंतजार में है। नगरपालिका द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 73 % नागरिकों ने बताया कि उन्हें सुबह‑शाम के अत्यधिक ताप से ‘सांस लेने में तकलीफ’ महसूस होती है, जबकि 58 % ने बिजली कटौती के कारण अपने घरों में कोई ठंडक नहीं मिलने की शिकायत की।

इन बातों पर राज्य सरकार की प्रतिनिधि परिषद ने कहा कि “अभी भी कई सरकारी विभाग एक-दूसरे के काम में हस्तक्षेप करने से बचते हैं” और “मौसम‑संबंधी आपातकालीन योजना के क्रियान्वयन में स्पष्ट लापरवाही देखी जा रही है”। उन्होंने तुरंत एक ‘हॉट‑जोन’ स्निचर समिति के गठन की घोषणा की, परन्तु इस समिति के सदस्य चयन और कार्यशैली पर अभी तक कोई ठोस संकेत नहीं मिला है।

स्थानीय डॉक्टरों की एकजुट संघ ने भी तेज़ी से बढ़ते रोग मामलों, विशेषकर डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के इंबिक रोगियों में वृद्धि को नोट किया। पिछले सप्ताह में ही दो वरिष्ठ नागरिकों की मौत की रिपोर्ट मिली, जो किसी भी सरकारी या निजी स्वास्थ्य केंद्र से देर से पहुँचे।

नागरिक दृष्टिकोण से स्थिति गंभीर है। शहरी श्रमिक, पिकनिक वाले, तथा छोटे व्यापारियों को निरंतर जल की कमी और बिजली की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। “जब न शौचालय, न पानी, न ठंडा हवा—तो किसे भरोसा है सरकार पर?” एक सड़कों पर काम करने वाले बुनियादी श्रमिक ने बोर होते हुए कहा।

पर्यावरणीय प्राधिकरणों ने भी चेतावनी दी है कि शहर की हरा-भरा झंडा—पार्क, वृक्ष‑रोपण—समय पर समायोजित नहीं होने से शहरी तापमान में अतिरिक्त 2‑3 °C का बढ़ाव हो सकता है। इस पर नगर निगम ने कहा कि “वृक्ष‑रोपण परियोजना के लिए बजट का आवंटन 2023‑24 में किया गया, परंतु जमीन‑उपलब्धता के कारण कार्यस्थल अभी तक तय नहीं हुआ है”।

विश्लेषकों का मानना है कि इस गर्मी‑लहर को संभालने के लिए स्थानीय प्रशासन को तुरंत निम्नलिखित कदम उठाने चाहिए: (i) विस्तृत जल‑संकट प्रबंधन योजना, (ii) बहु‑स्तरीय शीतलता केंद्रों का त्वरित निर्माण, (iii) 24‑घंटे आपातकालीन हेल्पलाइन, (iv) बिजली विभाग के साथ समन्वय हेतु ‘हॉट‑ड्रॉप’ जनरेटर की व्यवस्था, और (v) सामुदायिक स्तर पर स्वास्थ्य‑जागरूकता अभियानों का तीव्र कार्यान्वयन।

जब तक इन उपायों का ठोस रूप नहीं लेता, नागरिकों को “मिसिंग इन एक्शन” का शाब्दिक अर्थ ही भुगतना पड़ेगा।

Published: May 5, 2026