शहर के कई इलाकों में चार घंटे की बड़े पैमाने पर बिजली कटौती
आज सुबह 05:30 बजे से लेकर दोपहर 09:30 बजे तक शहर के लगभग पाँच मुख्य उपनगरों – राजनगर, बंधारी पुंज, ग्रीनविल, रिवर साइड और सिटी सेंटर – में अचानक और अनियोजित बिजली कटौती हुई। नगर निगम के अनुसार, यह कटौती तकनीकी दोष के कारण हुई, जिसमें मुख्य ट्रांसफॉर्मर में अचानक फेल्योर और ग्रिड में अस्थायी ओवरलोड शामिल था।
कटौती के दौरान, कई सार्वजनिक सुविधाएँ जैसे कि मेट्रो स्टेशन, जल वितरण केंद्र और स्वास्थ्य पोस्ट अस्थायी रूप से बंद हो गईं। स्थानीय व्यवसायियों ने बताया कि खराब रेफ्रिजरेशन के कारण रसोई में रखे गए खाने‑पीने की वस्तुएँ बर्बाद हो गईं, जबकि दुकानों के नकद रजिस्टर का बैकअप भी काम नहीं कर सका। अस्पतालों में जीवनरक्षक उपकरणों की बैक‑अप जनरेटर कार्यरत रहा, परन्तु एसी‑रही लाइटिंग के अभाव में रोगियों और कर्मचारियों को असुविधा झेलनी पड़ी।
नगर निगम के जनरल मैनेजर, श्री अरविंद कुमार ने बताया कि “हमने तुरंत आश्रित ग्रिड में स्विच‑ऑफ़ कर दिया और तकनीकी टीम को स्थल पर तैनात किया। चार घंटे में सभी क्षेत्रों में बिजली पुनर्स्थापित कर ली गई, पर यह घटना हमारी नियमित रख‑रखाव प्रक्रिया में खामी का संकेत देती है।” उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी अनपेक्षित विफलताओं से बचने के लिए ट्रांसफॉर्मर के समय‑समय पर आयु‑जाँच और ग्रिड मॉनिटरिंग को सख्ती से लागू किया जाएगा।
बिजली विभाग की ओर से बताया गया कि कटौती के दौरान नेत्रहीन कार्यों के लिए अस्थायी जनरेटर प्रदान किए गए और नागरिकों को टॉर्च व मोबाइल चार्जर के लिए स्थानीय बाजारों में रियायती दरों पर उपलब्ध कराया गया। हालांकि, कई क्षेत्रों में निरंतर इंटरनेट सेवा बाधित रहने के कारण डिजिटल कार्यों में भी रुकावट आई, जिससे छात्रों और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा।
स्थानीय मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर कुछ व्यवस्थित आलोचना भी सुनाई दी। विश्लेषकों का मानना है कि नियमित रख‑रखाव के बजाए “आपातकालीन” मरम्मत पर अधिक खर्च किया जा रहा है, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता खतरे में पड़ती है। चुटकी में कहा जाए तो, “शायद अगली बार बिजली गिरते‑गिरते अपने ही मेन्यू में टॉर्च‑फ़्लैश को शामिल कर देगी।”
नगर निगम ने प्रभावित नागरिकों को भविष्य में ऐसी अनिश्चितकालीन कटौतियों से बचाव के लिए “स्ट्रीमर-फ्री” (कुशलता‑पूर्ण) योजना का मसौदा तैयार किया है, जिसमें सामुदायिक जनरेटरों की स्थापना, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का प्रयोग और आपदा प्रबंधन के लिए रियल‑टाइम सूचना प्रणाली शामिल होगी। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इस योजना को अगले तिमाही में लागू किया जाएगा, जिससे “बिजली हीरो” की भूमिका सिर्फ़ विज्ञापन तक सीमित न रहे।
Published: May 5, 2026